घटना सोमवार सुबह की बताई जा रही है। भागलपुर पुल से गुजर रहे कुछ राहगीरों की नजर पुल पर पड़े एक कागज, चप्पल और आधार कार्ड पर पड़ी। कागज पर लिखे संदेश को सुसाइड नोट बताया जा रहा था। इसके बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही भागलपुर चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुल पर मिले आधार कार्ड से व्यक्ति की पहचान मईल थाना क्षेत्र के भटौली गांव निवासी अयोध्या राजभर पुत्र स्वर्गीय बच्चन राजभर के रूप में हुई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने नदी और आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया।
स्टेशन तक खोजते रहे परिजन
परिजनों के अनुसार, अयोध्या राजभर शनिवार को पारिवारिक विवाद के बाद घर से निकल गया था। उसने परिवार के लोगों से मुंबई जाकर काम करने की बात कही थी। इसके बाद वह बैग लेकर लार रोड रेलवे स्टेशन की तरफ चला गया था।
अयोध्या के चचेरे भाई रामअवध ने बताया कि परिवार के लोग उसे लगातार खोजने का प्रयास कर रहे थे। उन्होंने स्टेशन पर भी उसकी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी थी। इसी बीच सोमवार सुबह पुल पर सुसाइड नोट और सामान मिलने से परिवार के लोग घबरा गए।
पारिवारिक समस्याओं से परेशान था अयोध्या
परिजनों ने बताया कि अयोध्या लंबे समय से पारिवारिक और आर्थिक समस्याओं से जूझ रहा था। उसकी पत्नी का पहले ही निधन हो चुका है। परिवार की पूरी जिम्मेदारी उसी पर थी।
उसका बड़ा बेटा, जिसकी उम्र करीब 22 वर्ष बताई जा रही है, गंभीर बीमारी से पीड़ित है और उसका इलाज दिल्ली स्थित एम्स में चल रहा है। इसके अलावा छोटे बेटे रोहन (17) और बेटी नेहा (15) की देखभाल की जिम्मेदारी भी अयोध्या पर ही है।
परिवार वालों ने बताया कि हाल ही में 29 अप्रैल को उसकी बेटी अर्चना की शादी हुई थी। शादी और इलाज के खर्चों के कारण परिवार आर्थिक दबाव में था। इसी बीच दवा और घरेलू खर्चों को लेकर घर में विवाद हो गया था, जिसके बाद वह नाराज होकर घर छोड़कर चला गया।
सकुशल लौटने पर मिली राहत
पुलिस द्वारा लगातार तलाश किए जाने के दौरान करीब चार घंटे बाद अयोध्या राजभर अपने गांव वापस पहुंच गया। उसके सकुशल लौटने की सूचना मिलते ही परिवार और पुलिस ने राहत की सांस ली। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में मामला पारिवारिक तनाव से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। हालांकि पुल पर मिले सुसाइड नोट और अन्य सामान को लेकर जांच जारी है।
मईल थाना पुलिस ने बताया कि मामले में परिजनों से पूछताछ की गई है और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। फिलहाल किसी अप्रिय घटना की पुष्टि नहीं हुई है।