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तेहरान में महात्मा गांधी अस्पताल पर हमला, ईरान ने जारी किया तबाही का वीडियो

Published on: April 14, 2026
Mahatma Gandhi Hospital in Tehran
द  देवरिया न्यूज़,तेहरान : ईरान ने हाल ही में मशहूर महात्मा गांधी अस्पताल पर हुए हमले का एक वीडियो जारी किया है, जिसमें अस्पताल की इमारत को पूरी तरह खंडहर में तब्दील होते देखा जा सकता है। यह अस्पताल खास तौर पर बच्चों के इलाज के लिए जाना जाता था। ईरान ने दावा किया है कि यह हमला अमेरिका और इजरायल के संयुक्त सैन्य अभियान के दौरान किया गया।
भारत स्थित ईरानी दूतावास ने भी इस वीडियो को साझा किया है, जिसमें हवाई हमलों के बाद अस्पताल के अंदर और बाहर का भयावह मंजर दिखाया गया है। वीडियो में टूटी दीवारें, बिखरा मलबा और क्षतिग्रस्त चिकित्सा उपकरण साफ नजर आ रहे हैं। कुछ फुटेज में व्हीलचेयर और अन्य सामान के बीच मलबा फैला हुआ दिखाई देता है।

ईरान का आरोप है कि पिछले 40 दिनों के संघर्ष के दौरान अमेरिका और इजरायल ने 600 से अधिक अस्पतालों और 60 से ज्यादा स्कूलों को निशाना बनाया है। वहीं, वीडियो में यह भी दावा किया गया है कि ईरान ने अपने हमलों में कभी भी अस्पतालों या बच्चों को निशाना नहीं बनाया।
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, उत्तरी तेहरान के गांधी स्ट्रीट इलाके में स्थित इस अस्पताल को 2 मार्च को इजरायली हवाई हमलों के दौरान निशाना बनाया गया था। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी इस हमले की पुष्टि की है। चश्मदीदों के मुताबिक, हमले के बाद अस्पताल को भारी नुकसान पहुंचा और मरीजों को तुरंत वहां से सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया।
इजरायल पर पहले भी गाजा पट्टी समेत कई इलाकों में अस्पतालों पर हमले के आरोप लगते रहे हैं। इजरायल का कहना होता है कि इन अस्पतालों का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों के लिए किया जाता है, हालांकि इन दावों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार सवाल उठते रहे हैं।
महात्मा गांधी अस्पताल तेहरान का एक प्रमुख निजी मेडिकल कॉम्प्लेक्स था, जिसकी स्थापना 2008-09 में ईरानी डॉक्टरों और विशेषज्ञों के एक समूह द्वारा की गई थी। यह अस्पताल खासतौर पर मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बनाया गया था। भारत से ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को ध्यान में रखते हुए इसका नाम राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम पर रखा गया था।
ईरान में महात्मा गांधी के प्रति गहरा सम्मान देखा जाता है। वहां कई सड़कों और स्थानों का नाम भी गांधी जी के नाम पर रखा गया है, जो उनके अहिंसा और मानवता के सिद्धांतों के प्रति सम्मान को दर्शाता है।
इस हमले के बाद एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय समुदाय में युद्ध के दौरान नागरिक ठिकानों की सुरक्षा को लेकर बहस तेज हो गई है।

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