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ईस्टर्न लद्दाख में सेना का चीता हेलिकॉप्टर क्रैश, मेजर जनरल समेत सभी सुरक्षित

Published on: May 23, 2026
Army's cheetah in Eastern Ladakh

द  देवरिया न्यूज़,नई दिल्ली : पूर्वी लद्दाख में भारतीय सेना का एक चीता हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसा इतना भीषण था कि हेलिकॉप्टर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन राहत की बात यह रही कि उसमें सवार सभी लोग सुरक्षित बचा लिए गए। घटना 20 मई को हुई बताई जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक, सेना का चीता हेलिकॉप्टर श्योक नदी के पास उड़ान भर रहा था, तभी दिन के समय वह अचानक दुर्घटनाग्रस्त होकर पहाड़ी इलाके में गिर गया। हेलिकॉप्टर में एक डिविजन कमांडर स्तर के अधिकारी यानी मेजर जनरल रैंक के अफसर और दो पायलट सवार थे।

हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि सेना की त्वरित कार्रवाई के चलते दुर्घटना के करीब 15 से 20 मिनट के भीतर ही रेस्क्यू टीम घटनास्थल पर पहुंच गई। सभी घायलों को तत्काल एयरलिफ्ट कर लेह लाया गया।

सेना सूत्रों के अनुसार, हेलिकॉप्टर में सवार मेजर जनरल पूरी तरह सुरक्षित हैं, जबकि दोनों पायलटों को मामूली चोटें आई हैं। उनका इलाज किया जा रहा है और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

दुर्घटना की जांच शुरू

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे के समय मौसम पूरी तरह साफ था। ऐसे में खराब मौसम को दुर्घटना की वजह नहीं माना जा रहा है। फिलहाल तकनीकी खराबी या अन्य संभावित कारणों की जांच की जा रही है।

सेना ने हादसे की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी के आदेश दे दिए हैं। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि आखिर हेलिकॉप्टर क्रैश होने की असली वजह क्या थी।

लंबे समय से इस्तेमाल हो रहे हैं चीता हेलिकॉप्टर

चीता हेलिकॉप्टर भारतीय सेना द्वारा लंबे समय से इस्तेमाल किए जा रहे हल्के सिंगल इंजन हेलिकॉप्टर हैं। इन्हें खास तौर पर दुर्गम और ऊंचाई वाले इलाकों में सैनिकों और सामान की आवाजाही के लिए उपयोग किया जाता है।

भारतीय सेना के आर्मी एविएशन बेड़े में इस समय करीब 190 चीता, चेतक और चीतल हेलिकॉप्टर शामिल हैं। इनमें कई हेलिकॉप्टर काफी पुराने हो चुके हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक कुछ हेलिकॉप्टर 50 साल से भी अधिक पुराने हैं, जबकि करीब 130 हेलिकॉप्टर 30 से 50 साल पुराने बताए जाते हैं।

विशेषज्ञ लंबे समय से पुराने हेलिकॉप्टरों के आधुनिकीकरण और नए हेलिकॉप्टर शामिल किए जाने की जरूरत पर जोर देते रहे हैं। ऊंचाई वाले इलाकों में ऑपरेशन के दौरान ऐसे हेलिकॉप्टर सेना के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

हालांकि इस हादसे में किसी बड़े नुकसान से बचाव होने को सेना के लिए राहत माना जा रहा है। दुर्घटना के बाद सेना ने क्षेत्र में सुरक्षा और तकनीकी जांच को और सख्त कर दिया है।



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