द देवरिया न्यूज़,मास्को। यूक्रेन युद्ध के बाद श्रमिकों और कुशल कामगारों की कमी से जूझ रहे रूस ने भारतीय कामगारों के लिए अपने रोजगार के अवसरों का दायरा बढ़ा दिया है। रूस में अब करीब 70 हजार भारतीय कामगार विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत हैं। रूसी अधिकारियों का कहना है कि भारत और रूस के बीच श्रमिक सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है और वर्ष 2026 में 40 हजार नए भारतीयों को रोजगार देने की योजना पर भी काम किया जा रहा है।
कई क्षेत्रों में बढ़ी भारतीयों की मांग
रूस में भारत के कार्यवाहक राजदूत रोमन बाबूश्किन ने बताया कि भारतीय कामगारों की मांग कृषि, निर्माण, आवास एवं सार्वजनिक सेवाओं, खनन, तेल एवं गैस, रेलवे परिवहन, जहाज निर्माण, वस्त्र उद्योग, फार्मास्यूटिकल, स्वास्थ्य सेवाओं, सूचना प्रौद्योगिकी और सेवा क्षेत्र में तेजी से बढ़ी है। उन्होंने कहा कि भारतीय कामगार अपनी मेहनत, कौशल और कार्यकुशलता के कारण रूस के विभिन्न उद्योगों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
भारत-रूस के बीच श्रमिक सहयोग होगा मजबूत
रोमन बाबूश्किन के अनुसार, लेबर मोबिलिटी (श्रमिक आवाजाही) अब भारत और रूस के बीच रणनीतिक सहयोग का नया और महत्वपूर्ण क्षेत्र बन चुका है। उन्होंने कहा कि इससे दोनों देशों के व्यापारिक और आर्थिक संबंधों को नई मजबूती मिलेगी।
उन्होंने जानकारी दी कि दिसंबर 2025 में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच दो अंतर-सरकारी समझौतों पर हस्ताक्षर हुए थे। इनमें अवैध प्रवासन पर नियंत्रण और दोनों देशों के नागरिकों को अल्पकालिक रोजगार उपलब्ध कराने से जुड़े प्रावधान शामिल हैं।
नए भर्ती समझौते की तैयारी
रूसी राजनयिक ने भारतीय कामगारों की भर्ती को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए नए भर्ती समझौते का मसौदा तैयार करने का प्रस्ताव भी रखा है। उनका कहना है कि भविष्य में प्रवासन नियमों के अनुरूप सुरक्षित और जिम्मेदार भर्ती प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
रूस की योजना वर्ष 2026 में कम से कम 40 हजार नए भारतीय कामगारों को रोजगार देने की है। विशेषज्ञों के अनुसार रूस में घटती जनसंख्या, बड़ी संख्या में लोगों के पलायन और युद्ध के कारण श्रमिकों की कमी ने विदेशी कामगारों की मांग बढ़ा दी है।
कितनी मिल रही है सैलरी?
रिपोर्ट के अनुसार रूस में कार्यरत भारतीय कामगारों को हर महीने 556 डॉलर से 1,112 डॉलर (करीब 48 हजार से 96 हजार रुपये, विनिमय दर के अनुसार) तक वेतन दिया जा रहा है।
कुछ भारतीय कामगार सेंट पीटर्सबर्ग में सड़क सफाई सहित अन्य नगर सेवाओं में कार्य कर रहे हैं। उन्हें लगभग 1 लाख रूबल प्रति माह वेतन के साथ रहने की व्यवस्था और भोजन जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके अलावा उन्हें रूसी भाषा का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, ताकि कार्यस्थल पर संवाद में आसानी हो सके।
फर्जी एजेंटों से सावधान रहने की जरूरत
हाल के वर्षों में कुछ भारतीय नागरिक फर्जी एजेंटों के झांसे में आकर रूस पहुंचे थे, जहां उन्हें नौकरी के बजाय यूक्रेन सीमा पर युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में भेज दिया गया था। इस मामले में भारत सरकार के हस्तक्षेप के बाद कई भारतीय नागरिकों को सुरक्षित वापस लाया गया था।
ऐसे में विदेश में नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को केवल अधिकृत एजेंसियों और सरकारी स्वीकृत भर्ती प्रक्रियाओं के माध्यम से ही आवेदन करने की सलाह दी जाती है, ताकि किसी प्रकार की धोखाधड़ी या जोखिम से बचा जा सके।
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