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नोएडा में 10 महीने के बच्चे ने निगली बटन बैटरी, 3 घंटे की जटिल सर्जरी के बाद बची जान

Published on: June 19, 2026
10 month old child in Noida

द  देवरिया न्यूज़,नोएडा। खिलौनों, घड़ियों, रिमोट कंट्रोल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में इस्तेमाल होने वाली बटन बैटरियां छोटे बच्चों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती हैं। नोएडा में ऐसा ही एक गंभीर मामला सामने आया, जहां 10 महीने के एक बच्चे ने खेलते समय बटन बैटरी निगल ली। बैटरी के कारण उसकी भोजन नली और श्वासनली को गंभीर नुकसान पहुंचा, लेकिन डॉक्टरों ने समय रहते जटिल सर्जरी कर उसकी जान बचा ली।

सांस लेने में होने लगी परेशानी

जानकारी के अनुसार, 10 महीने का युवराज लगातार खांसी, दूध पीते समय सांस रुकने और खाने-पीने में दिक्कत जैसी समस्याओं से जूझ रहा था। परिजन उसे नोएडा के यथार्थ अस्पताल, सेक्टर-110 लेकर पहुंचे। जांच के दौरान एक्स-रे में बच्चे की गर्दन के पास एक गोलाकार वस्तु फंसी हुई दिखाई दी। आपातकालीन एंडोस्कोपी करने पर डॉक्टरों ने पुष्टि की कि वह बटन बैटरी थी, जो भोजन नली (इसोफेगस) में फंसी हुई थी।

भोजन नली और श्वासनली को पहुंचा नुकसान

डॉक्टरों के अनुसार, बैटरी के रासायनिक प्रभाव से भोजन नली और श्वासनली (ट्रेकिया) के बीच असामान्य मार्ग बन गया था। इस स्थिति को ट्रेकियो-इसोफेगल कम्युनिकेशन कहा जाता है, जो अत्यंत गंभीर और जानलेवा हो सकती है। इसी वजह से बच्चे को खाना और दूध निगलने में परेशानी हो रही थी तथा सांस लेने में भी दिक्कत आ रही थी।

तीन घंटे चली सर्जरी

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सकों की टीम ने तत्काल ऑपरेशन किया। करीब तीन घंटे तक चली जटिल सर्जरी में भोजन नली को श्वासनली से अलग किया गया और दोनों क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत की गई। अस्पताल के डॉक्टर डॉ. जय भारत पवार ने बताया कि ऑपरेशन सफल रहा और सर्जरी के बाद बच्चे की स्थिति में लगातार सुधार हुआ। उपचार के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

डॉक्टरों ने दी चेतावनी

डॉ. पवार ने कहा कि बटन बैटरी निगलना बच्चों में होने वाली सबसे खतरनाक मेडिकल इमरजेंसी में से एक है। बैटरी कुछ ही घंटों में भोजन नली और आसपास के ऊतकों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है।

उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि—

  • बटन बैटरी वाले खिलौने और उपकरण बच्चों की पहुंच से दूर रखें।
  • बैटरी का कवर सुरक्षित और मजबूती से बंद रखें।
  • यदि बच्चे के बैटरी निगलने की आशंका हो, तो तुरंत अस्पताल ले जाएं।
  • खांसी, सांस लेने में परेशानी, दूध पीने में दिक्कत या बार-बार उल्टी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें।

अभिभावकों के लिए सीख

विशेषज्ञों का कहना है कि छोटी दिखने वाली बटन बैटरियां बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकती हैं। ऐसे मामलों में समय पर पहचान और तत्काल चिकित्सा सहायता बच्चे की जान बचाने में निर्णायक भूमिका निभाती है।



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