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ऑनलाइन पंजीकरण प्रणाली के विरोध में देवरिया के अधिवक्ताओं का प्रदर्शन, न्यायिक कार्यों का किया बहिष्कार

Published on: June 12, 2026
of the online registration system
द  देवरिया न्यूज़,देवरिया। प्रस्तावित ऑनलाइन पंजीकरण प्रणाली के विरोध में गुरुवार को सदर तहसील बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर से निबंधन कार्यालय तक जुलूस निकालकर अपनी नाराजगी जताई और सरकार के नाम ज्ञापन सौंपते हुए नई व्यवस्था को वापस लेने की मांग की। इस दौरान अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्यों का बहिष्कार करते हुए तहसील एवं निबंधन कार्यालयों में तालाबंदी भी की।

प्रदर्शन से पहले सदर तहसील बार एसोसिएशन की एक महत्वपूर्ण बैठक अध्यक्ष युगुल किशोर तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में महानिरीक्षक निबंधन एवं स्टाम्प, उत्तर प्रदेश द्वारा प्रस्तावित ऑनलाइन पंजीकरण प्रणाली के क्रियान्वयन को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। अधिवक्ताओं ने इस नई व्यवस्था के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श करते हुए अपनी चिंताएं व्यक्त कीं।

बैठक में अधिवक्ताओं का कहना था कि प्रस्तावित ऑनलाइन पंजीकरण प्रणाली लागू होने के बाद दस्तावेजों के पंजीकरण की प्रक्रिया संस्थागत एजेंसियों और डिजिटल माध्यमों पर अधिक निर्भर हो जाएगी। इससे स्टाम्प विक्रेताओं, दस्तावेज लेखकों और अधिवक्ताओं की पारंपरिक भूमिका प्रभावित होने की आशंका है। अधिवक्ताओं ने दावा किया कि इससे न केवल उनके रोजगार और व्यवसाय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा, बल्कि ग्रामीण और सामान्य नागरिकों को भी व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

अधिवक्ताओं ने कहा कि प्रदेश के अनेक हिस्सों में अभी भी बड़ी संख्या में लोग डिजिटल प्रक्रियाओं से पूरी तरह परिचित नहीं हैं। ऐसे में ऑनलाइन पंजीकरण प्रणाली लागू होने से आम जनता को तकनीकी समस्याओं और अतिरिक्त खर्च का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि दस्तावेजों के पंजीकरण में अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों की भूमिका केवल औपचारिक नहीं होती, बल्कि वे कानूनी सलाह और मार्गदर्शन भी प्रदान करते हैं, जिससे लोगों को उचित सहायता मिलती है।

बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर नई व्यवस्था का विरोध करने का निर्णय लिया गया। इसके बाद अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्यों का बहिष्कार करते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू किया। बड़ी संख्या में अधिवक्ता तहसील परिसर से जुलूस के रूप में निकले और स्टेशन रोड, नगर पालिका रोड, सुभाष चौक, डीएम आवास मार्ग तथा मालवीय रोड होते हुए निबंधन कार्यालय पहुंचे। पूरे मार्ग में अधिवक्ताओं ने नारेबाजी कर अपनी मांगों को बुलंद किया।

निबंधन कार्यालय पहुंचने के बाद अधिवक्ताओं ने सभा आयोजित कर ऑनलाइन पंजीकरण व्यवस्था के विरोध में अपने विचार रखे। इसके बाद उन्होंने संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा, जिसमें प्रस्तावित ऑनलाइन पंजीकरण प्रणाली को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की गई।

प्रदर्शन में बड़ी संख्या में अधिवक्ता शामिल रहे। प्रमुख रूप से विजयसेन यादव, राकेश कुमार शाही, राजाराम, रामहवेली यादव, अर्जय कुमार, शशिभूषण पासवान, कमलमणि त्रिपाठी, अम्बरीष मणि त्रिपाठी, मनोज श्रीराम, विनोद सिंह, के.के. सिंह, भारत भूषण गुप्ता, अजय पांडेय और शिवगोविंद शर्मा सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।

अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती और प्रस्तावित व्यवस्था को वापस नहीं लिया जाता, तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और व्यापक बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अपने हितों और आम जनता की सुविधा के लिए वे आगे भी संघर्ष जारी रखेंगे।


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