द देवरिया न्यूज़,मॉस्को : रूस ने एक ऐसे पोर्टेबल एंटी-ड्रोन हथियार को तैनात किया है, जिसने सैन्य विशेषज्ञों और दुनिया भर की सेनाओं का ध्यान अपनी ओर खींचा है। ‘योल्का’ (Yolka) नाम का यह सिस्टम दुश्मन के ड्रोन को हवा में ही निशाना बनाकर गिराने में सक्षम है। इसकी खास बात यह है कि यह आकार में छोटा, इस्तेमाल में आसान और अपेक्षाकृत बेहद सस्ता है।
हाल ही में सामने आए वीडियो फुटेज में रूसी सैनिकों को योल्का इंटरसेप्टर सिस्टम का उपयोग करते हुए देखा गया। वीडियो में एक सैनिक बंदूक जैसी दिखने वाली लॉन्चिंग डिवाइस से इंटरसेप्टर ड्रोन को छोड़ता है, जो लक्ष्य का पता लगाकर स्वचालित रूप से उसकी ओर बढ़ता है और उसे निष्क्रिय कर देता है।
विजय दिवस परेड में पहली बार आया था चर्चा में
योल्का सिस्टम ने पहली बार मई 2025 में रूस की विजय दिवस सैन्य परेड के दौरान लोगों का ध्यान आकर्षित किया था। इसके बाद इसे युद्धक्षेत्र में सक्रिय रूप से इस्तेमाल किए जाने की खबरें सामने आने लगीं। यह सिस्टम विशेष रूप से दुश्मन के टोही (Reconnaissance) और एफपीवी (FPV) ड्रोन को रोकने के लिए विकसित किया गया है।
बिना विस्फोटक के करता है हमला
पारंपरिक इंटरसेप्टर मिसाइलों के विपरीत योल्का में कोई विस्फोटक वारहेड नहीं लगाया गया है। यह दुश्मन ड्रोन को नष्ट करने के लिए सीधे टकराव (काइनेटिक इम्पैक्ट) का इस्तेमाल करता है। इससे आसपास के क्षेत्र में नुकसान होने की संभावना भी कम हो जाती है।
योल्का का ढांचा बेलनाकार है और इसमें दो X-आकार के पंख लगे हैं। इसके पीछे चार इलेक्ट्रिक मोटर लगी होती हैं, जो इसे उड़ान भरने और लक्ष्य तक पहुंचने में मदद करती हैं।
AI तकनीक से लैस है सिस्टम
रिपोर्टों के अनुसार, योल्का में द्वि-स्पेक्ट्रल सीकर लगाया गया है, जो थर्मल और ऑप्टिकल ट्रैकिंग तकनीक का उपयोग करता है। इसके साथ एआई आधारित मॉड्यूल भी जुड़ा है, जो लक्ष्य की पहचान और ट्रैकिंग में मदद करता है।
एक बार लक्ष्य लॉक होने के बाद इंटरसेप्टर स्वायत्त रूप से उड़ान भरता है और लक्ष्य का पीछा करता है। एआई आधारित प्रणाली इसे इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग जैसी चुनौतियों से भी काफी हद तक बचाती है।
4 किलोमीटर तक कर सकता है हमला
योल्का इंटरसेप्टर की मारक क्षमता करीब 3 से 4 किलोमीटर बताई जा रही है। यह लगभग 200 से 250 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ सकता है। इंटरसेप्टर का वजन 1 से 3 किलोग्राम के बीच है, जबकि पूरे लॉन्चर सिस्टम का वजन करीब 6 किलोग्राम है, जिससे एक सैनिक इसे आसानी से लेकर चल सकता है।
कम कीमत बना रही बड़ी ताकत
योल्का की सबसे बड़ी विशेषताओं में इसकी कम लागत शामिल है। एक इंटरसेप्टर की कीमत लगभग 500 अमेरिकी डॉलर बताई गई है। ऐसे समय में जब युद्धक्षेत्र में ड्रोन का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है, यह सिस्टम कम खर्च में प्रभावी सुरक्षा प्रदान करने वाला विकल्प माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि योल्का जैसे पोर्टेबल और किफायती एंटी-ड्रोन सिस्टम भविष्य के युद्धों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं, क्योंकि दुनियाभर की सेनाएं ड्रोन खतरों से निपटने के लिए नए और सस्ते समाधान तलाश रही हैं।
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