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पीओके में विरोध प्रदर्शनों पर बढ़ा विवाद, ब्रह्मा चेलानी ने पाकिस्तान सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

Published on: July 31, 2026
Protests in PoK

द  देवरिया न्यूज़,नई दिल्ली : पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में जारी विरोध प्रदर्शनों को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इस बीच जाने-माने भू-राजनीतिक विश्लेषक ब्रह्मा चेलानी ने पाकिस्तान सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा है कि क्षेत्र में सरकार विरोधी आंदोलन लगातार तेज हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि स्थानीय लोगों में पाकिस्तान सरकार के प्रति असंतोष बढ़ा है और हाल के दिनों में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग की घटनाएं सामने आई हैं।

ब्रह्मा चेलानी ने जताई चिंता

ब्रह्मा चेलानी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में आंतरिक असंतोष बढ़ता जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि क्षेत्र में जमीनी स्तर पर विरोध प्रदर्शन तेज हुए हैं और विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार हाल के दिनों में सुरक्षा बलों की कार्रवाई में कई प्रदर्शनकारियों की मौत हुई है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

लोकतांत्रिक अधिकारों की मांग का दावा

चेलानी के अनुसार, हाल के वर्षों में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में स्थानीय लोगों की ओर से लोकतांत्रिक अधिकार, शासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और राजनीतिक भागीदारी की मांग लगातार उठाई जा रही है। उन्होंने कहा कि जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) समेत कई स्थानीय संगठन इन मुद्दों को लेकर आंदोलन चला रहे हैं।

बल प्रयोग के आरोप

विश्लेषक ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनों को रोकने के लिए पाकिस्तान के अधिकारियों ने कठोर सुरक्षा उपाय अपनाए हैं। उन्होंने दावा किया कि आतंकवाद-रोधी कानूनों के तहत कार्रवाई, गिरफ्तारियां और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग की घटनाओं की रिपोर्ट सामने आई हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि कुछ मानवाधिकार संगठनों ने भी कथित अत्यधिक बल प्रयोग पर चिंता जताई है।

यूकेपीएनपी ने भी लगाए आरोप

यूनाइटेड कश्मीर पीपुल्स नेशनल पार्टी (UKPNP) ने भी विभिन्न मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि 27 और 28 जुलाई के बीच रावलाकोट, मीरपुर और अन्य क्षेत्रों में कई नागरिकों की मौत हुई तथा बड़ी संख्या में लोग घायल हुए और गिरफ्तार किए गए। संगठन ने यह भी दावा किया कि जून की शुरुआत से अब तक अनेक लोगों की जान जा चुकी है और कई लोगों को कथित तौर पर हिरासत में लिया गया है। इन दावों की भी स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि फिलहाल उपलब्ध नहीं है।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की अपील

यूकेपीएनपी ने संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ और अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से मामले में हस्तक्षेप करने, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा घटनाओं की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। वहीं, जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेताओं ने भी सुरक्षा बलों की कार्रवाई पर गंभीर आरोप लगाए हैं और कहा है कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहेंगे।

आधिकारिक पुष्टि का इंतजार

पाकिस्तान सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की ओर से इन आरोपों पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। साथ ही, प्रदर्शनों के दौरान हताहतों की संख्या और अन्य दावों की स्वतंत्र पुष्टि भी अभी नहीं हो सकी है। ऐसे में स्थिति को लेकर अलग-अलग पक्षों के दावे सामने आ रहे हैं, जिनकी पुष्टि संबंधित जांच या आधिकारिक रिपोर्ट के बाद ही संभव होगी।


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