द देवरिया न्यूज़,नई दिल्ली। शिक्षा व्यवस्था में सुधार, NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं और छात्रों की जवाबदेही की मांग को लेकर चला कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का छात्र आंदोलन भले ही समाप्त हो गया हो, लेकिन इसका राजनीतिक असर अभी भी देखने को मिल रहा है। करीब 35 दिनों तक दिल्ली के जंतर-मंतर पर चले इस आंदोलन में तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग प्रमुखता से उठाई गई थी।
लगातार बढ़ते दबाव के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसे केंद्र सरकार ने स्वीकार कर लिया। इसके बाद सोमवार को वह पहली बार सार्वजनिक रूप से संसद पहुंचे। संसद परिसर में भाजपा और NDA के सांसदों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और उनके समर्थन में ‘धर्मेंद्र प्रधान जिंदाबाद’ के नारे लगाए।
संसद पहुंचते ही सांसदों ने किया स्वागत
मानसून सत्र की कार्यवाही में हिस्सा लेने के लिए धर्मेंद्र प्रधान सोमवार को संसद पहुंचे। उनके पहुंचते ही भाजपा और NDA के कई सांसद उनके आसपास नजर आए। सांसदों ने उनका अभिवादन किया और समर्थन में नारे लगाए।
इस दौरान संसद परिसर में ‘धर्मेंद्र प्रधान जिंदाबाद’ के नारे भी सुनाई दिए। कई सांसदों ने उनके साथ बातचीत की और उनका उत्साह बढ़ाया। शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद संसद में उनकी यह पहली बड़ी सार्वजनिक मौजूदगी मानी जा रही है।
CJP आंदोलन के बाद दिया था इस्तीफा
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा NEET-UG पेपर लीक विवाद और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच आया था। CJP की ओर से शुरू किए गए आंदोलन में छात्रों ने परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के साथ तत्कालीन शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की थी।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर करीब 35 दिनों तक चले प्रदर्शन के दौरान यह मुद्दा लगातार सुर्खियों में रहा। आंदोलनकारियों का आरोप था कि परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों के कारण लाखों छात्रों के भविष्य पर असर पड़ा है।
प्रह्लाद जोशी को मिली शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी प्रह्लाद जोशी को सौंपे जाने की बात सामने आई। वहीं, धर्मेंद्र प्रधान अब भाजपा सांसद के रूप में संसद की कार्यवाही में हिस्सा ले रहे हैं।
उनके इस्तीफे के बाद संसद परिसर में भाजपा और NDA सांसदों की ओर से किए गए स्वागत को राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब NEET-UG विवाद और परीक्षा प्रणाली को लेकर छात्रों के बीच जवाबदेही का मुद्दा अभी भी चर्चा में है।
आंदोलन समाप्त, लेकिन मुद्दे पर बहस जारी
CJP का छात्र आंदोलन समाप्त हो चुका है, लेकिन NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर बहस जारी है। आंदोलन के दौरान उठाए गए सवालों और सरकार की ओर से उठाए गए कदमों को लेकर राजनीतिक दलों के बीच भी बयानबाजी होती रही है।
इसी बीच धर्मेंद्र प्रधान का संसद पहुंचना और भाजपा-NDA सांसदों द्वारा उनका जोरदार स्वागत यह संकेत देता है कि पार्टी के भीतर उन्हें अब भी मजबूत समर्थन हासिल है। संसद परिसर में हुए इस स्वागत की तस्वीरें और वीडियो भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बने हुए हैं।
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