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देवरिया में लैब टेक्नीशियन से साइबर ठगी, दो बैंक खातों से 2.46 लाख रुपये उड़ाए

Published on: August 19, 2026
Lab Technician in Deoria

द  देवरिया न्यूज़,देवरिया : सदर कोतवाली क्षेत्र के उमा नगर निवासी स्वास्थ्य विभाग के लैब टेक्नीशियन दिनेश्वर मिश्र साइबर ठगी का शिकार हो गए। साइबर ठगों ने उनके दो बैंक खातों से यूपीआई के जरिए कुल 2.46 लाख रुपये निकाल लिए। पीड़ित के मुताबिक, दोनों खातों से करीब 10 मिनट के भीतर रकम निकाली गई। मोबाइल पर लेनदेन के संदेश आने के बाद उन्हें ठगी की जानकारी हुई। दिनेश्वर मिश्र वर्तमान में महुआडीह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में लैब टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत हैं। जिला मुख्यालय के गोरखपुर रोड स्थित पंजाब नेशनल बैंक और केनरा बैंक में उनके बचत खाते हैं।

PNB खाते से दो बार निकले 50-50 हजार

शिकायत के अनुसार, 17 अगस्त को उनके पंजाब नेशनल बैंक के खाते से यूपीआई के माध्यम से दो अलग-अलग ट्रांजेक्शन किए गए। दोनों बार 50-50 हजार रुपये निकाले गए। इस तरह एक ही खाते से कुल 1 लाख रुपये की निकासी हुई। पीड़ित का कहना है कि उन्होंने स्वयं कोई यूपीआई भुगतान नहीं किया था और न ही किसी अन्य व्यक्ति को अपने खाते से रकम निकालने की अनुमति दी थी। मोबाइल पर ट्रांजेक्शन के संदेश आने के बाद उन्हें मामले की जानकारी हुई। जानकारी मिलते ही उन्होंने बैंक शाखा से संपर्क किया और खाते से हुई अनधिकृत निकासी की शिकायत दर्ज कराते हुए रकम वापस कराने की मांग की।

केनरा बैंक खाते से 1.46 लाख रुपये निकले

इसी दौरान उनके दूसरे बैंक खाते से भी साइबर ठगों ने यूपीआई के माध्यम से 1.46 लाख रुपये निकाल लिए। इस तरह दोनों बैंक खातों से कुल 2.46 लाख रुपये की रकम गायब हो गई। दिनेश्वर मिश्र ने बैंक प्रबंधन से दोनों खातों से हुए डिजिटल लेनदेन की जांच कराने, ट्रांजेक्शन का पूरा विवरण उपलब्ध कराने और ठगी गई रकम वापस कराने की मांग की है।

साइबर सेल ने शुरू की जांच

दो बैंक खातों से बिना अनुमति रकम निकाले जाने की शिकायत के बाद मामला साइबर सेल तक पहुंच गया है। साइबर टीम अब यूपीआई ट्रांजेक्शन से जुड़े तकनीकी और बैंकिंग रिकॉर्ड की जांच कर रही है।

टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि रकम निकालने के लिए किस माध्यम का इस्तेमाल किया गया और निकाली गई धनराशि किन बैंक खातों या व्यक्तियों तक पहुंची। पुलिस बैंकिंग रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। फिलहाल साइबर ठगी का तरीका और आरोपियों की पहचान स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


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