Breaking News
ट्रेंडिंग न्यूज़देवरिया न्यूज़उत्तर प्रदेश न्यूज़राष्ट्रीय न्यूज़अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़राजनीतिक न्यूज़अपराधिक न्यूज़स्पोर्ट्स न्यूज़एंटरटेनमेंट न्यूज़बिज़नस न्यूज़टेक्नोलॉजी अपडेट लेटेस्ट गैजेट अपडेटमौसम

अरुणाचल की 27 जगहों के नाम बदलने पर भड़का चीन, भारत के कदम को बताया ‘गैर-कानूनी’; जानें पूरा विवाद

Published on: August 12, 2026
Names of 27 places in Arunachal

द  देवरिया न्यूज़,बीजिंग/नई दिल्ली : अरुणाचल प्रदेश की 27 भौगोलिक जगहों के आधिकारिक नामों को लेकर भारत और चीन के बीच एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। भारत की ओर से इन स्थानों के नामों के मानकीकरण के बाद चीन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। बीजिंग ने भारत के इस कदम को खारिज करते हुए इसे ‘गैर-कानूनी और अमान्य’ बताया है। वहीं भारत पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि अरुणाचल प्रदेश देश का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है।

भारत के गृह मंत्रालय ने 7 अगस्त को अरुणाचल प्रदेश की 27 जगहों के नामों को मानकीकृत करने की घोषणा की। इन स्थानों में बस्तियां, इलाके, पहाड़ी दर्रे, एक झील और एक स्मारक शामिल हैं। इन आधिकारिक नामों को भारतीय नक्शों और सरकारी रिकॉर्ड में शामिल किया जा रहा है।

अरुणाचल की किन 27 जगहों के नाम बदले?

सरकार की सूची में 21 बस्तियां और इलाके शामिल हैं। इनमें लोंगजू, माजा, बिसा, बड़ा कुंडुन, छोटा कुंडुन, धन बारी, प्रीतनगर, बुद्धमंदिर, जयरामपुर, टेरिटनगर, रामनगर, जसवंत गढ़, सागर, पद्मा, ज्योतिनगर, बैसाखी, छोटा रोपुक, बड़ा रोपुक, शिवाजी नगर, सुनपुरा और कामलांग नगर शामिल हैं। इसके अलावा चार पहाड़ी दर्रों के नाम भी निर्धारित किए गए हैं। इनमें ज़ो ला, रिज़ा ला, पुकुर ला और थाग ला शामिल हैं। सूची में ऊंचाई पर स्थित सम्भो सरोवर और शेर-ए-थापा स्मारक भी शामिल हैं। इनमें जसवंत गढ़ का विशेष महत्व है। यह भारतीय सैनिक राइफलमैन जसवंत सिंह रावत की याद में बनाया गया स्मारक है, जिन्होंने 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान नूरानांग की लड़ाई में चीनी सेना का मुकाबला किया था।

चीन ने क्यों जताई आपत्ति?

चीन अरुणाचल प्रदेश को ‘ज़ांगनान’ या ‘दक्षिणी तिब्बत’ कहता है और लंबे समय से इस क्षेत्र पर अपना दावा करता रहा है। चीन ने 2017 से अरुणाचल प्रदेश के कई स्थानों के लिए अपने नाम जारी किए हैं। भारत के ताजा कदम पर चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने आपत्ति जताते हुए कहा कि भारत द्वारा जारी किए गए तथाकथित मानकीकृत नामों को स्वीकार नहीं किया जा सकता। बीजिंग ने दोहराया कि उसके अनुसार ‘ज़ांगनान’ चीन का क्षेत्र है। हालांकि भारत लगातार चीन के इस दावे को खारिज करता रहा है। नई दिल्ली का कहना है कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा है और किसी दूसरे देश द्वारा स्थानों के नाम बदलने से जमीन पर वास्तविक स्थिति नहीं बदलती।

नामों की लड़ाई क्यों है अहम?

सीमा विवाद में भौगोलिक नामों का खास महत्व होता है। किसी क्षेत्र के लिए आधिकारिक नाम और उसका सरकारी नक्शों में इस्तेमाल प्रशासन, सुरक्षा, बुनियादी ढांचे की योजना और आपदा प्रबंधन जैसे कई क्षेत्रों को प्रभावित करता है। भारत का कहना है कि स्थानों के नामों का मानकीकरण आधिकारिक नक्शों और सरकारी रिकॉर्ड में एकरूपता सुनिश्चित करने के लिए किया गया है। सर्वे ऑफ इंडिया के नक्शों में इन भारतीय नामों को शामिल किया जाएगा।

2017 से चीन करता रहा है नाम बदलने का दावा

चीन ने पहली बार 2017 में अरुणाचल प्रदेश के कुछ स्थानों के नामों की सूची जारी की थी। इसके बाद भी वह कई बार इस तरह के कदम उठा चुका है। भारत हर बार इन दावों को खारिज करता रहा है। अब भारत की ओर से 27 स्थानों के नामों का मानकीकरण किए जाने के बाद इस मुद्दे पर दोनों देशों के बीच बयानबाजी फिर तेज हो गई है। हालांकि, नाम बदलने की यह कवायद जमीन पर सीमा की स्थिति को अपने आप नहीं बदलती, लेकिन दोनों देशों के आधिकारिक दावों और कूटनीतिक नैरेटिव में इसका प्रतीकात्मक महत्व जरूर है।


इसे भी पढ़ें : कनाडा में RSS पर प्रतिबंध की मांग, मोहन भागवत की प्रस्तावित यात्रा रोकने के लिए NDP ने सरकार से की अपील


Discover more from thedeoria.news : : Voice of rural India - ग्रामीण भारत की आवाज़

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Read Also

Amidst Houthi attacks on Saudi Arabia

सऊदी पर हूती हमलों के बीच पाकिस्तान-तुर्की की मदद पर सवाल, क्या मक्का डिफेंस पैक्ट अभी सिर्फ कागजों तक सीमित?

Pakistan on Indus water agreement

सिंधु जल समझौते पर पाकिस्तान की बेचैनी बढ़ी, भारत के रुख से अंतरराष्ट्रीय मंच पर मुश्किलें

Former Air Marshal from Deoria

देवरिया के पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा बने अयोध्या राम मंदिर के पहले CEO, ऑपरेशन सिंदूर में निभाई थी अहम भूमिका

Journalist in Deoria receives call from +92 number

देवरिया में पत्रकार को +92 नंबर से धमकी, खबर चलाने पर परिवार समेत जान से मारने की धमकी

SP's Tarkulwa in Deoria

देवरिया में एसपी का तरकुलवा थाने पर औचक निरीक्षण, त्योहारों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था परखी

Cyber ​​worth Rs 35.72 lakh in Deoria

देवरिया में 35.72 लाख की साइबर ठगी का खुलासा, फर्जी लेटरहेड और ई-मेल से बैंक को लगाया चूना; तीन गिरफ्तार

Leave a Reply

error: Content is protected !!