द देवरिया न्यूज़,देवरिया : साइबर अपराधियों ने फर्जी लेटरहेड, जाली हस्ताक्षर और मिलती-जुलती ई-मेल आईडी के जरिए बैंक को गुमराह कर 35.72 लाख रुपये ट्रांसफर कराने की कोशिश की। देवरिया साइबर थाना पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चार मोबाइल फोन और बिना नंबर प्लेट की बजाज पल्सर एन-160 बाइक बरामद हुई है।
पुलिस के अनुसार, रविवार शाम करीब छह बजे देवरिया-सलेमपुर मार्ग पर सोन्दा के पास कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को पकड़ा गया। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम में से 34.50 लाख रुपये तनिष्क ज्वेलर्स के खाते में सुरक्षित हैं। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस रकम को पीड़ित पक्ष को वापस कराने की कार्रवाई की जाएगी।
शादी के नाम पर ज्वेलरी खरीदने की थी तैयारी
मामले का खुलासा 28 अगस्त को तनिष्क ज्वेलर्स के स्टोर मैनेजर की सूचना के बाद हुआ। मैनेजर ने पुलिस को बताया कि कुछ लोगों ने शादी के लिए आभूषण खरीदने के नाम पर शोरूम के बैंक खाते में 34.50 लाख रुपये भेजे हैं। रकम के स्रोत पर संदेह होने के बाद मामले की जांच शुरू की गई।
साइबर पुलिस की जांच में पता चला कि आरोपियों ने मेरठ की एआर इंफ्राहाइट्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से फर्जी लेटरहेड और हस्ताक्षर तैयार किए। इसके बाद कंपनी के नाम से मिलती-जुलती एक फर्जी ई-मेल आईडी बनाई गई। इसी ई-मेल के माध्यम से बैंक को संदेश भेजकर खाते से 35,72,801 रुपये विकास कुमार के बैंक खाते में ट्रांसफर करा लिए गए।
बड़ी कंपनियों के नाम पर करते थे फर्जीवाड़ा
पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे बड़ी कंपनियों के नाम और दस्तावेजों का इस्तेमाल कर फर्जी लेटरहेड, हस्ताक्षर और ई-मेल आईडी तैयार करते थे। इसके बाद बैंक अधिकारियों को ई-मेल भेजकर खातों में रकम ट्रांसफर कराई जाती थी।
पुलिस के मुताबिक, रकम अलग-अलग बैंक खातों में पहुंचने के बाद उसे निकालने और ज्वेलरी खरीदकर खपाने की योजना बनाई जाती थी। आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच में 25.10 लाख और 21.85 लाख रुपये के अन्य संदिग्ध लेन-देन के साक्ष्य भी मिले हैं। पुलिस अब इन ट्रांजेक्शन की भी पड़ताल कर रही है।
कंपनी निदेशक ने लेन-देन से किया इनकार
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि 27 अगस्त को कंपनी के नाम से फर्जी ई-मेल आईडी बनाकर बैंक को मेल भेजा गया था। जब जांच टीम ने कंपनी के निदेशक से संपर्क किया तो उन्होंने इस तरह के किसी लेन-देन की जानकारी होने से इनकार कर दिया। इसके बाद बैंकिंग रिकॉर्ड और तकनीकी साक्ष्यों की जांच की गई, जिसमें कथित फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई।
तीन आरोपी गिरफ्तार, जेल भेजे गए
साइबर थाना पुलिस ने मामले में विकास कुमार पुत्र सरीफन गोंड, निवासी धनपुरवा रजडिहा, थाना सलेमपुर, देवरिया; शशांक कुमार साहिल पुत्र स्व. मनोज कुमार, निवासी भरठई, थाना गुठनी, सिवान, बिहार और अंकुश मिश्रा पुत्र बालेन्दर, निवासी हफुवा जीवन, थाना तरयासुजान, कुशीनगर को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने तीनों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
34.50 लाख रुपये सुरक्षित
पुलिस के अनुसार कुल 35,72,801 रुपये की धोखाधड़ी में से 34,50,000 रुपये तनिष्क ज्वेलर्स के खाते में सुरक्षित हैं। पुलिस का कहना है कि शेष रकम और आरोपियों से जुड़े अन्य संदिग्ध लेन-देन की भी जांच की जा रही है। विधिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद सुरक्षित रकम को पीड़ित को वापस कराने की कार्रवाई की जाएगी।
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