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‘चीन ने पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया’, पूर्व एफबीआर प्रमुख का बड़ा दावा

Published on: August 7, 2026
'China has [impacted] Pakistan's economy

द  देवरिया न्यूज़,इस्लामाबाद : पाकिस्तान के पूर्व फेडरल बोर्ड ऑफ रेवेन्यू (FBR) चेयरमैन और जाने-माने अर्थशास्त्री सैयद मोहम्मद शब्बार जैदी ने चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) और चीन की आर्थिक नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि चीन ने पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को जितना नुकसान पहुंचाया है, उतना अमेरिका भी नहीं पहुंचा सका। जैदी ने कहा कि यदि पाकिस्तान चीन के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को समाप्त कर दे, तो उसकी अर्थव्यवस्था में तेजी से सुधार हो सकता है।

CPEC को बताया ‘गेमचेंजर नहीं, बड़ी भूल’

एक इंटरव्यू में जैदी ने कहा कि उन्होंने शुरुआत से ही CPEC का विरोध किया था। उनके मुताबिक, इस परियोजना को पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था के लिए “गेमचेंजर” बताया गया, लेकिन इससे अपेक्षित औद्योगिक विकास नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि ग्वादर बंदरगाह सहित कई परियोजनाओं से बड़े आर्थिक लाभ का दावा किया गया था, लेकिन जमीनी स्तर पर परिणाम उम्मीद के अनुरूप नहीं रहे। उनका आरोप है कि महंगे ऊर्जा संयंत्रों और भारी कर्ज ने पाकिस्तान की वित्तीय स्थिति पर अतिरिक्त दबाव डाला।

महंगे कर्ज ने बढ़ाई आर्थिक मुश्किलें

रिपोर्टों के अनुसार, चीन ने CPEC के तहत पाकिस्तान में लगभग 60 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की थी, जिसमें एक बड़ा हिस्सा ऋण के रूप में बताया जाता है। पाकिस्तान लंबे समय से इन कर्जों के पुनर्भुगतान के दबाव का सामना कर रहा है। जैदी का कहना है कि ऊर्जा परियोजनाओं से जुड़े ऊंचे भुगतान और कर्ज की शर्तों ने पाकिस्तान की आर्थिक चुनौतियों को और बढ़ा दिया है।

अमेरिका और IMF से वित्तीय सहायता की कोशिश

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करने और वित्तीय दबाव कम करने के लिए अमेरिका से 10 अरब डॉलर की सहायता या वित्तीय समर्थन की संभावना तलाश रहा है। हालांकि, इस संबंध में किसी अंतिम समझौते की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

इससे पहले पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से 7 अरब डॉलर के कार्यक्रम के तहत वित्तीय सहायता भी प्राप्त कर चुका है। साथ ही, पाकिस्तान ने चीन से ऊर्जा परियोजनाओं से जुड़े लगभग 16 अरब डॉलर के ऋण के पुनर्भुगतान में राहत देने का अनुरोध भी किया है।

चीन के साथ बढ़ता व्यापार घाटा

आर्थिक आंकड़ों के अनुसार, चीन पाकिस्तान का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, लेकिन दोनों देशों के बीच व्यापार संतुलन पाकिस्तान के पक्ष में नहीं है।

रिपोर्टों के मुताबिक:

  • चीन का पाकिस्तान को निर्यात लगभग 19.5 अरब डॉलर है।
  • जबकि पाकिस्तान का चीन को निर्यात करीब 2.68 अरब डॉलर है।
  • दोनों देशों के बीच व्यापार घाटा 16 अरब डॉलर से अधिक बताया जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बढ़ता व्यापार घाटा और विदेशी कर्ज पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था के सामने बड़ी चुनौती बने हुए हैं। वहीं, CPEC की आर्थिक उपयोगिता और दीर्घकालिक प्रभाव को लेकर पाकिस्तान में बहस तेज होती जा रही है।


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