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जन्म प्रमाण पत्र की जगह मिला मृत्यु प्रमाण पत्र, बेटे को ‘जिंदा’ साबित करने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहा पिता

Published on: June 11, 2026
Received a death certificate instead of a birth certificate.

द  देवरिया न्यूज़,कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से सरकारी लापरवाही का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां अपने बेटे का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने पहुंचे एक पिता को जन्म प्रमाण पत्र के बजाय मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। अब परिवार कई महीनों से इस गलती को सुधारने और बच्चे का सही जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहा है।

जन्म प्रमाण पत्र के लिए किया था आवेदन

मामला नरवल तहसील क्षेत्र के सरसौल विकासखंड स्थित बांबी गांव का है। गांव निवासी जितेंद्र कुमार ने अपने बेटे आयांश का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए 9 जनवरी 2026 को आवेदन किया था। लेकिन जब 24 फरवरी को प्रमाण पत्र जारी हुआ तो उसे देखकर परिवार के होश उड़ गए।

जन्म प्रमाण पत्र की जगह बच्चे का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया था। दस्तावेज में आयांश को मृत दर्शाया गया था, जबकि वह पूरी तरह स्वस्थ और जीवित है।

कई महीनों से लगा रहे हैं गुहार

पीड़ित जितेंद्र कुमार का कहना है कि गलती सामने आने के बाद उन्होंने संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया और प्रमाण पत्र में सुधार कराने का प्रयास किया। लेकिन कई महीने बीत जाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो सका।

उन्होंने बताया कि वह लगातार तहसील, ब्लॉक और अन्य सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक न तो सही जन्म प्रमाण पत्र जारी किया गया है और न ही पूरी प्रक्रिया पूरी हो सकी है।

ऑनलाइन आवेदन में हुई होगी गलती

मामले पर बांबी ग्राम पंचायत के सचिव जुबैर अहमद ने बताया कि प्रारंभिक जांच में ऐसा प्रतीत होता है कि ऑनलाइन आवेदन के दौरान जन्म और मृत्यु पंजीकरण के विकल्पों में से गलती से मृत्यु का विकल्प चुन लिया गया होगा, जिसके कारण यह त्रुटि हुई।

उन्होंने कहा कि यह प्रमाण पत्र पूर्व में कार्यरत पंचायत सचिव के कार्यकाल के दौरान जारी हुआ था।

मृत्यु प्रमाण पत्र किया गया निरस्त

पंचायत सचिव के अनुसार, संबंधित मृत्यु प्रमाण पत्र को अब निरस्त कर दिया गया है। परिवार को नए सिरे से ऑनलाइन आवेदन करने की सलाह दी गई है ताकि सही जन्म प्रमाण पत्र जारी किया जा सके।

हालांकि, परिवार का कहना है कि प्रशासनिक गलती का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है और महीनों बाद भी समस्या का पूरी तरह समाधान नहीं हो पाया है।

सरकारी व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना ने सरकारी रिकॉर्ड प्रबंधन और ऑनलाइन प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी गलतियां आम नागरिकों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनती हैं और इन्हें रोकने के लिए व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है।

फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले को सुधारने की प्रक्रिया जारी होने की बात कही जा रही है, जबकि परिवार जल्द से जल्द सही जन्म प्रमाण पत्र जारी किए जाने की मांग कर रहा है।


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