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न्यायपालिका होगी हाईटेक: सुप्रीम कोर्ट ने शुरू की ‘वन केस वन डेटा’ पहल, AI चैटबॉट ‘सु सहायता’ भी लॉन्च

Published on: May 12, 2026
Judiciary will be hi-tech

द  देवरिया न्यूज़,नई दिल्ली : देश की न्यायिक व्यवस्था को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दो बड़ी डिजिटल पहलों की घोषणा की। भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट में दिन की कार्यवाही शुरू होने से पहले बताया कि न्यायपालिका अब “वन केस वन डेटा” नामक नई डिजिटल पहल शुरू कर रही है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर “सु सहायता” नाम का एआई आधारित चैटबॉट भी लॉन्च किया गया है।

सीजेआई ने कहा कि इन पहलों का उद्देश्य न्यायिक प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और आम नागरिकों के लिए सुलभ बनाना है। उन्होंने बताया कि तकनीक के माध्यम से अदालतों के कामकाज को बेहतर बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।

‘वन केस वन डेटा’ से जुड़ेगी देशभर की अदालतें

मुख्य न्यायाधीश ने बताया कि “वन केस वन डेटा” पहल के तहत देशभर की सभी अदालतों की सूचनाओं को एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा। इसमें सुप्रीम कोर्ट, सभी हाईकोर्ट, जिला अदालतों और तालुका स्तर की अदालतों की बहु-स्तरीय जानकारियां एक ही सिस्टम पर उपलब्ध होंगी।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में एक ही मामले से संबंधित अलग-अलग अदालतों में मौजूद सूचनाएं अलग-अलग रिकॉर्ड सिस्टम में रहती हैं, जिससे केस ट्रैकिंग और प्रबंधन में कठिनाई होती है। नई डिजिटल व्यवस्था लागू होने के बाद किसी भी केस से जुड़ी पूरी जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हो सकेगी।

सीजेआई के अनुसार, इस पहल से अदालतों के बीच समन्वय बेहतर होगा और केस मैनेजमेंट सिस्टम अधिक व्यवस्थित तरीके से काम करेगा। इससे लंबित मामलों की निगरानी आसान होगी और सुनवाई प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।

न्यायिक डेटा होगा पूरी तरह डिजिटल

सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि न्यायपालिका अब ऐसे आधुनिक डिजिटल सिस्टम की दिशा में आगे बढ़ रही है, जिसमें न्यायिक रिकॉर्ड्स को पूरी तरह एकीकृत और डिजिटल रूप में संरक्षित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि “वन केस वन डेटा” पहल का मुख्य उद्देश्य न्यायिक डेटा को एक मंच पर लाना, केस रिकॉर्ड्स को डिजिटल रूप से जोड़ना और अदालतों में सूचनाओं के आदान-प्रदान को तेज एवं पारदर्शी बनाना है।

इससे न्यायिक प्रशासन को मजबूती मिलेगी और अदालतों में कामकाज अधिक सुव्यवस्थित हो सकेगा। साथ ही वकीलों, वादियों और आम नागरिकों को भी अपने मामलों की जानकारी प्राप्त करने में आसानी होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने लॉन्च किया AI चैटबॉट ‘सु सहायता’

सुप्रीम कोर्ट ने अपनी वेबसाइट पर “सु सहायता” नाम का एआई आधारित चैटबॉट भी लॉन्च किया है। यह चैटबॉट नागरिकों और वादियों को सुप्रीम कोर्ट से जुड़ी विभिन्न सेवाओं तक आसान पहुंच प्रदान करेगा।

सीजेआई ने बताया कि इस चैटबॉट को राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) ने सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री के सहयोग से विकसित किया है। यह एआई आधारित सिस्टम उपयोगकर्ताओं को अदालत से संबंधित प्रक्रियाओं, केस फाइलिंग, दिशा-निर्देशों और अन्य सेवाओं की जानकारी सरल तरीके से उपलब्ध कराएगा।

उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को अक्सर अदालत की प्रक्रियाओं को समझने में कठिनाई होती है। “सु सहायता” चैटबॉट इसी समस्या को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, ताकि लोग वेबसाइट पर जरूरी जानकारी आसानी से खोज सकें।

यह चैटबॉट उपयोगकर्ताओं को केस से जुड़ी बुनियादी जानकारी, फाइलिंग प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज और न्यायालयीन प्रक्रियाओं के बारे में मार्गदर्शन देगा। इससे न्यायिक सेवाएं अधिक उपयोगकर्ता-अनुकूल और सुलभ बनेंगी।

तकनीक आधारित सुधारों पर रहेगा जोर

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि न्यायपालिका आने वाले समय में भी तकनीक आधारित सुधारों पर विशेष ध्यान देती रहेगी। उन्होंने कहा कि डिजिटल और एआई आधारित प्रणालियों के जरिए न्यायिक सेवाओं को अधिक तेज, पारदर्शी और प्रभावी बनाया जाएगा।

सीजेआई ने सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री के अधिकारियों, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र और बार सदस्यों की सराहना करते हुए कहा कि इन परियोजनाओं को सफल बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

उन्होंने विश्वास जताया कि नई डिजिटल पहलें देश की न्यायिक व्यवस्था को भविष्य के अनुरूप मजबूत बनाने में अहम योगदान देंगी और आम नागरिकों को न्याय प्राप्त करने की प्रक्रिया पहले से अधिक सरल और सुविधाजनक होगी।


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