Breaking News
ट्रेंडिंग न्यूज़देवरिया न्यूज़उत्तर प्रदेश न्यूज़राष्ट्रीय न्यूज़अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़राजनीतिक न्यूज़अपराधिक न्यूज़स्पोर्ट्स न्यूज़एंटरटेनमेंट न्यूज़बिज़नस न्यूज़टेक्नोलॉजी अपडेट लेटेस्ट गैजेट अपडेटमौसम

वाराणसी–सिलीगुड़ी हाई-स्पीड कॉरिडोर पर दौड़ेगी बुलेट ट्रेन, बंगाल को मिले 14,205 करोड़

Published on: February 3, 2026
Varanasi–Siliguri High-Speed
द देवरिया न्यूज़,मुंबई। केंद्रीय बजट 2026-27 में सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के ऐलान के बाद वाराणसी–सिलीगुड़ी कॉरिडोर को लेकर तस्वीर साफ हो गई है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि इस रूट पर बुलेट ट्रेन चलाई जाएगी। यह पश्चिम बंगाल को मिलने वाली पहली बुलेट ट्रेन होगी, जो वाराणसी से पटना होते हुए सिलीगुड़ी तक जाएगी और भविष्य में इसे गुवाहाटी तक बढ़ाया जाएगा।
रेल मंत्री ने बताया कि बजट 2026-27 में रेल मंत्रालय को 2 लाख 78 हजार करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 10.8 प्रतिशत अधिक है। रेलवे के लिए कुल पूंजीगत व्यय 2 लाख 93 हजार 30 करोड़ रुपये रखा गया है, जो अब तक का सर्वाधिक आवंटन है। इसमें से पश्चिम बंगाल को 14 हजार 205 करोड़ रुपये दिए जा रहे हैं।
अश्विनी वैष्णव के अनुसार, वाराणसी से पटना होते हुए सिलीगुड़ी तक की बुलेट ट्रेन यात्रा मात्र 2 घंटे 55 मिनट में पूरी होगी। यह परियोजना न सिर्फ बंगाल, बल्कि बिहार और पूरे पूर्वोत्तर भारत के लिए कनेक्टिविटी के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है।
बजट में पश्चिम बंगाल से जुड़ी अन्य घोषणाओं का जिक्र करते हुए रेल मंत्री ने बताया कि दानकुनी (बंगाल) और सूरत (गुजरात) के बीच एक नया कमोडिटी फ्रेट कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। यह नया फ्रेट कॉरिडोर गुजरात, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र को दानकुनी से जोड़ेगा, जिससे माल ढुलाई को गति मिलेगी और उद्योगों को फायदा होगा।
कोलकाता मेट्रो के विकास पर बोलते हुए रेल मंत्री ने राज्य सरकार पर अप्रत्यक्ष निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कोलकाता मेट्रो का 40 वर्षों में कुल 27 किलोमीटर विस्तार हुआ था, जबकि 2014 के बाद सिर्फ 11 सालों में 45 किलोमीटर की बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने दावा किया कि मेट्रो परियोजनाओं के लिए आवंटन में कोई कटौती नहीं की गई है, लेकिन राज्य प्रशासन की ओर से सहयोग की कमी के कारण कुछ परियोजनाओं में देरी हो रही है।
विशेष रूप से चिंगरीघाटा का जिक्र करते हुए अश्विनी वैष्णव ने कहा कि हाई कोर्ट से अनुमति मिलने के बावजूद वहां काम नहीं करने दिया जा रहा है। कंस्ट्रक्शन कंपनी का दावा है कि 366 मीटर सड़क पर ट्रैफिक कंट्रोल और प्रशासनिक सहयोग न मिलने से ऑरेंज लाइन का काम लगातार बाधित हो रहा है। इसी मुद्दे पर मामला कलकत्ता हाई कोर्ट तक पहुंचा है।
कुल मिलाकर, बजट 2026-27 में घोषित हाई-स्पीड रेल परियोजनाएं और रिकॉर्ड रेल आवंटन बंगाल और पूर्वी भारत के लिए बड़े बदलाव का संकेत दे रहे हैं, जिनमें वाराणसी–सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन सबसे अहम मानी जा रही है।

इसे भी पढ़ें : वेनेजुएला से तेल खरीदेगा भारत? ट्रंप का बड़ा दावा, कांग्रेस ने मोदी सरकार को घेरा


Discover more from thedeoria.news : : Voice of rural India - ग्रामीण भारत की आवाज़

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Reply

error: Content is protected !!