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जिला स्तरीय निरीक्षण समिति ने किया बाल गृह का निरीक्षण, बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा पर दिया जोर

Published on: May 20, 2026
District level inspection committee
द  देवरिया न्यूज़,देवरिया : बाल गृह में रह रहे बच्चों की समुचित देखभाल, सुरक्षा और बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गठित जिला स्तरीय निरीक्षण समिति ने मंगलवार को बाल गृह का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, खानपान, साफ-सफाई और आवासीय व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण में जनपद न्यायाधीश धनेंद्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी और पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर शंकर शामिल रहे। अधिकारियों ने बाल गृह में बच्चों के रहने की व्यवस्था, शौचालय, बिस्तर, पेयजल, साफ-सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति का निरीक्षण किया।

अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बच्चों की पढ़ाई-लिखाई, स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं गुणवत्तापूर्ण तरीके से सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि बच्चों के पालन-पोषण और देखभाल में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बच्चों की शिक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने कहा कि जो बच्चे बाहर के विद्यालयों में पढ़ाई करने के इच्छुक हैं, उनका नियमित स्कूलों में प्रवेश कराया जाए ताकि उन्हें बेहतर शैक्षिक माहौल मिल सके।

अधिकारियों को बताया गया कि वर्तमान में बाल गृह में कुल 35 बच्चे रह रहे हैं। इनमें से 24 बच्चों का दाखिला बाहरी विद्यालयों में कराया गया है और वे नियमित रूप से पढ़ाई के लिए स्कूल जाते हैं। वहीं नौ विशेष बच्चों के लिए बाल गृह परिसर में ही अध्ययन की अलग व्यवस्था की गई है।

जनपद न्यायाधीश और जिलाधिकारी ने बच्चों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई, भोजन और रहन-सहन से संबंधित जानकारी भी ली। बच्चों ने बाल गृह में उपलब्ध सुविधाओं और व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया। अधिकारियों को यह भी बताया गया कि गर्मी को देखते हुए बच्चों के लिए कूलर सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। निरीक्षण के समय बच्चे भोजन कर रहे थे, जिसकी गुणवत्ता और स्वच्छता का भी अधिकारियों ने निरीक्षण किया।

इस दौरान मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रज्ञा सिंह, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अर्चना प्रधान, किशोर न्याय बोर्ड के मजिस्ट्रेट, मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. ए.के. गुप्ता, बाल गृह अधीक्षक रामकृपाल समेत कई संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

अधिकारियों ने कहा कि बच्चों को सुरक्षित, स्वस्थ और सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है, ताकि वे बेहतर भविष्य की ओर आगे बढ़ सकें।

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