Breaking News
ट्रेंडिंग न्यूज़देवरिया न्यूज़उत्तर प्रदेश न्यूज़राष्ट्रीय न्यूज़अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़राजनीतिक न्यूज़अपराधिक न्यूज़स्पोर्ट्स न्यूज़एंटरटेनमेंट न्यूज़बिज़नस न्यूज़टेक्नोलॉजी अपडेट लेटेस्ट गैजेट अपडेटमौसम

कुपवाड़ा में भारतीय सेना का ‘ऑपरेशन पिंपल’: घुसपैठियों पर कड़ी कार्रवाई, दो आतंकी ढेर

Published on: November 9, 2025
Indian Army in Kupwara

द देवरिया न्यूज़, नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर में सर्दियों की दस्तक के साथ ही पाकिस्तान प्रायोजित आतंकी संगठनों ने एक बार फिर नियंत्रण रेखा (LoC) के पास घुसपैठ का प्रयास तेज कर दिया है। पिछले सात महीनों के दौरान घाटी में आतंकी गतिविधियों को विफल करने के लिए भारतीय सेना ने कई सफल अभियानों को अंजाम दिया है। इसी क्रम में भारतीय सेना ने अब “ऑपरेशन पिंपल” शुरू किया है, जो कुपवाड़ा जिले के केरन सेक्टर में आतंकियों के लिए एक बड़ा खतरा बनकर उभरा है। यह अभियान घुसपैठ रोकने की भारत की मजबूत नीति और त्वरित सैन्य प्रतिक्रिया का बड़ा उदाहरण बनकर उभरा है।


घुसपैठ की कोशिश को नाकाम करने के लिए लॉन्च हुआ ऑपरेशन

ऑपरेशन पिंपल जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में LoC के पास शुरू किया गया एक संयुक्त सैन्य अभियान है, जिसका प्राथमिक उद्देश्य पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) से आने वाले घुसपैठियों को रोकना और उन्हें मार गिराना है। पहाड़ी और घने जंगल वाले इस इलाके में लंबे समय से आतंकियों की आवाजाही देखी जाती रही है। ठंड शुरू होने से पहले आतंकी गतिविधियाँ बढ़ने की आशंका को देखते हुए सेना ने इस इलाके में अपनी तैनाती और चौकसी और मजबूत कर दी है।

सेना ने बताया कि इस ऑपरेशन के तहत अब तक दो आतंकवादियों को एनकाउंटर में ढेर किया जा चुका है, जबकि इलाकों में बड़े पैमाने पर कॉर्डन-एंड-सर्च अभियान अभी भी जारी है। हथियारों और गोला-बारूद की बरामदगी की भी उम्मीद है।


कैसे शुरू हुआ ऑपरेशन पिंपल?

चिनार कॉर्प्स ने शनिवार सुबह 7:10 बजे अपने आधिकारिक ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) हैंडल से ऑपरेशन की जानकारी दी।
सेना ने बताया:

“7 नवंबर को खुफिया एजेंसियों से मिली विशिष्ट सूचना के आधार पर संयुक्त अभियान शुरू किया गया। सतर्क सैनिकों ने संदिग्ध गतिविधि देखी और चुनौती दी, जिसके बाद आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने आतंकियों को घेर लिया और ऑपरेशन आगे बढ़ाया गया।”

यह पूरा अभियान इंटेलिजेंस-आधारित और पूरी तरह से समन्वित कार्रवाई का नतीजा है, जिससे साबित होता है कि भारतीय सेना का इंटेलिजेंस नेटवर्क LoC पर सक्रिय और मजबूत है।


क्यों बढ़ गई है घुसपैठ की कोशिशें?

खुफिया एजेंसियों के अनुसार, सर्दियों के महीनों में जब LoC पर बर्फ जम जाती है, तो आतंकियों के लिए घुसपैठ करना मुश्किल हो जाता है। इसी कारण लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठन सर्दियों से पहले घुसपैठ की गतिविधियों को बढ़ा देते हैं।

कुपवाड़ा का केरन सेक्टर लंबे समय से घुसपैठ का हॉटस्पॉट रहा है। पहाड़, घने जंगल और सीमावर्ती स्थिति इस क्षेत्र को आतंकियों के लिए एक पसंदीदा मार्ग बनाते हैं। यही वजह है कि इस इलाके में सुरक्षा बलों की सतर्कता लगातार बढ़ाई जाती है।


क्यों खास है ऑपरेशन पिंपल?

यह ऑपरेशन कई दृष्टियों से महत्वपूर्ण है:

  • भारतीय सेना की तेज़ तैनाती और तत्काल प्रतिक्रिया क्षमता को दर्शाता है

  • पाकिस्तान पोषित आतंकियों को स्पष्ट संदेश देता है कि सीमा पार कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी

  • LoC पर सेना की निगरानी, तकनीकी खुफिया और ग्राउंड-वॉच सिस्टम की मजबूती का संकेत देता है

  • यह भी साफ है कि सेना किसी भी घुसपैठ को केवल रोकने तक सीमित नहीं है, बल्कि आतंकियों का पीछा कर उन्हें समाप्त करने के लिए भी तैयार है

सेना के मुताबिक, ऑपरेशन का नाम “पिंपल” उस LoC पॉइंट से लिया गया है, जिसे नक्शे पर कोड के रूप में “Pimple” कहा जाता है।

ऑपरेशन पिंपल भारतीय सेना की सक्रियता, तत्परता और सीमा सुरक्षा की रणनीति का सशक्त उदाहरण है। जैसे-जैसे सर्दियां आगे बढ़ेंगी, घुसपैठ की कोशिशें और तेज हो सकती हैं, लेकिन सेना ने स्पष्ट कर दिया है कि हर प्रयास का जवाब निर्णायक सैन्य कार्रवाई से दिया जाएगा।


इसे भी पढ़ें : देवरिया: दीनदयाल उपाध्याय पार्क से 4 लाख की सागौन लकड़ी चोरी, तीन सप्ताह बाद भी FIR नहीं

Discover more from thedeoria.news : : Voice of rural India - ग्रामीण भारत की आवाज़

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Read Also

Previous Class Four killed in road accident

कुशीनगर : सड़क हादसे में चार युवकों की मौत, दो इंटर के छात्र शामिल : तीन घायल, एक की हालत गंभीर

Amidst Houthi attacks on Saudi Arabia

सऊदी पर हूती हमलों के बीच पाकिस्तान-तुर्की की मदद पर सवाल, क्या मक्का डिफेंस पैक्ट अभी सिर्फ कागजों तक सीमित?

Pakistan on Indus water agreement

सिंधु जल समझौते पर पाकिस्तान की बेचैनी बढ़ी, भारत के रुख से अंतरराष्ट्रीय मंच पर मुश्किलें

Former Air Marshal from Deoria

देवरिया के पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा बने अयोध्या राम मंदिर के पहले CEO, ऑपरेशन सिंदूर में निभाई थी अहम भूमिका

Journalist in Deoria receives call from +92 number

देवरिया में पत्रकार को +92 नंबर से धमकी, खबर चलाने पर परिवार समेत जान से मारने की धमकी

SP's Tarkulwa in Deoria

देवरिया में एसपी का तरकुलवा थाने पर औचक निरीक्षण, त्योहारों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था परखी

Leave a Reply

error: Content is protected !!