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परमाणु युद्ध रोकने वाले UN सम्मेलन की पाकिस्तान ने संभाली कमान, 65 देशों के मंच की करेगा अध्यक्षता

Published on: August 19, 2026
Preventer of nuclear war

द  देवरिया न्यूज़,इस्लामाबाद/न्यूयॉर्क : पाकिस्तान ने सोमवार को संयुक्त राष्ट्र के एक महत्वपूर्ण निशस्त्रीकरण सम्मेलन की अध्यक्षता संभाल ली। यह जिम्मेदारी ऐसे समय में मिली है, जब परमाणु हथियारों को लेकर पाकिस्तान की नीतियों और उसके नेताओं के बयानों पर अक्सर सवाल उठते रहे हैं।

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, वह संयुक्त राष्ट्र निशस्त्रीकरण सम्मेलन (Conference on Disarmament-CD) के 2026 सत्र की अंतिम अध्यक्षता कर रहा है। यह सम्मेलन परमाणु हथियारों की होड़ रोकने, परमाणु युद्ध के खतरे को कम करने और बाहरी अंतरिक्ष के सैन्यीकरण को रोकने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर अंतरराष्ट्रीय बातचीत का प्रमुख मंच है।

65 देशों के मंच की संभाली अध्यक्षता

जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र कार्यालय में होने वाले इस सम्मेलन में 65 सदस्य देश शामिल हैं। इनमें दुनिया के सभी परमाणु हथियार संपन्न देश भी शामिल हैं। CD को निशस्त्रीकरण और हथियार नियंत्रण से जुड़े समझौतों पर बातचीत के लिए दुनिया का प्रमुख बहुपक्षीय मंच माना जाता है। सम्मेलन में परमाणु हथियारों के प्रसार और हथियारों की दौड़ को रोकने के साथ वैश्विक सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होती है।

पाकिस्तान के राजनयिक करेंगे अध्यक्षता

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने बताया कि हथियार नियंत्रण और निशस्त्रीकरण मामलों के अतिरिक्त सचिव तथा विदेश कार्यालय के प्रवक्ता राजदूत ताहिर हुसैन अंद्राबी सम्मेलन की बैठकों की अध्यक्षता कर रहे हैं। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के मुताबिक, देश अपनी अध्यक्षता के दौरान CD की वार्षिक रिपोर्ट और संयुक्त राष्ट्र महासभा की प्रथम समिति से जुड़े प्रस्ताव पर होने वाली बातचीत का संचालन करेगा।

परमाणु हथियारों पर होगी अहम चर्चा

सम्मेलन के प्रमुख एजेंडे में परमाणु हथियारों की होड़ रोकना, परमाणु युद्ध की आशंका को कम करना और बाहरी अंतरिक्ष में हथियारों की तैनाती रोकना शामिल है। इसके अलावा वैश्विक हथियार नियंत्रण और निशस्त्रीकरण से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी सदस्य देशों के बीच बातचीत होगी। CD और इससे पहले काम करने वाले संस्थानों ने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण समझौतों के लिए बातचीत में भूमिका निभाई है। इनमें जैविक हथियार सम्मेलन, रासायनिक हथियार सम्मेलन और व्यापक परमाणु-परीक्षण-प्रतिबंध संधि (CTBT) जैसे महत्वपूर्ण समझौते शामिल हैं।

पाकिस्तान की भूमिका पर उठ सकते हैं सवाल

पाकिस्तान को इस महत्वपूर्ण मंच की अध्यक्षता मिलने के बाद उसकी भूमिका पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा भी हो सकती है। पाकिस्तान स्वयं एक परमाणु हथियार संपन्न देश है और भारत के साथ उसके लंबे समय से तनावपूर्ण संबंध रहे हैं।

ऐसे में निशस्त्रीकरण और परमाणु युद्ध के जोखिम को कम करने से जुड़े वैश्विक मंच की अध्यक्षता करना इस्लामाबाद के लिए कूटनीतिक रूप से महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। अब यह देखना अहम होगा कि पाकिस्तान अपनी अध्यक्षता के दौरान परमाणु हथियार नियंत्रण और वैश्विक निशस्त्रीकरण के मुद्दों पर किस तरह की पहल करता है।


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