द देवरिया न्यूज़ : देवरिया जनपद में हाल ही में हुई चक्रवाती वर्षा ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। जिले के कई हिस्सों में धान, अरहर, मक्का और सब्जियों की फसलें जलमग्न हो गई हैं, जिससे किसानों की मेहनत पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। खेतों में भरे पानी ने जहां धान की बालियां झुका दी हैं, वहीं कई जगहों पर अरहर और मक्का की फसलें भी पूरी तरह से गिर चुकी हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने किसानों से आग्रह किया है कि वे अपनी फसल क्षति की सूचना तुरंत दें और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा दावा (क्लेम) दर्ज कराएं, ताकि उन्हें समय पर मुआवजा मिल सके।
फसल क्षति की सूचना दें, मिलेगा बीमा लाभ
डीएम दिव्या मित्तल ने बताया कि जो किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में पंजीकृत हैं और जिनकी फसलें वर्षा, बाढ़ या अन्य प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हुई हैं, वे तुरंत बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर 14447 पर संपर्क करें। सूचना मिलने के बाद 72 घंटे के भीतर बीमा कंपनी का प्रतिनिधि मौके पर पहुंचकर नुकसान का सत्यापन करेगा।
उन्होंने कहा कि किसान चाहें तो अपनी फसल क्षति की जानकारी उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी कार्यालय या संबंधित बैंक शाखा में भी जमा करा सकते हैं। ऐसा करने से बीमा दावा प्रक्रिया में तेजी आएगी और किसानों को जल्दी राहत मिलेगी।
खलिहान में रखी फसलें भी बीमा के दायरे में
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि किसी किसान की पकी हुई फसल खलिहान में रखी थी और चक्रवाती वर्षा या आंधी से क्षतिग्रस्त हो गई है, तो ऐसे मामलों में भी बीमा दावा स्वीकार्य होगा। उन्होंने कहा कि कई बार किसान यह सोचकर क्षति की सूचना नहीं देते कि फसल खेत में नहीं थी, लेकिन योजना के नियमों के अनुसार ऐसी स्थिति भी बीमा सुरक्षा के अंतर्गत आती है।
डीएम ने कहा, “किसान अपनी क्षति छिपाएं नहीं, बल्कि उसकी सूचना दें। यह योजना किसानों के हितों की रक्षा के लिए बनाई गई है। समय पर सूचना देने से ही उनका दावा स्वीकार होगा।”
संयुक्त टीमें करेंगी सर्वे
डीएम दिव्या मित्तल ने बताया कि राजस्व, कृषि और बैंक विभागों की संयुक्त टीमें प्रभावित क्षेत्रों में जाकर फसलों की वास्तविक स्थिति का सर्वेक्षण करेंगी।
इन टीमों का काम होगा खेतों का निरीक्षण कर नुकसान का सही मूल्यांकन करना, ताकि बीमा कंपनियों को सटीक जानकारी उपलब्ध कराई जा सके और किसानों को मुआवजा देने की प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।
“प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए सुरक्षा कवच”
जिलाधिकारी ने कहा,
“प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए एक सुरक्षा कवच है। यह योजना प्राकृतिक आपदाओं के समय उनके आर्थिक नुकसान की भरपाई सुनिश्चित करती है। इसलिए सभी किसान समय पर अपनी फसल क्षति की सूचना दें और योजना का लाभ उठाएं।”
उन्होंने आश्वासन दिया कि जिला प्रशासन किसानों के साथ खड़ा है और हर संभव सहायता प्रदान करेगा। डीएम ने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी किसान को फसल नुकसान के कारण आर्थिक तंगी का सामना न करना पड़े।
किसानों में चिंता, लेकिन उम्मीद भी
इधर, लगातार बारिश से खेतों में पानी भर जाने के कारण किसानों में निराशा का माहौल है। कई किसानों ने बताया कि धान की बालियां सड़ने लगी हैं और सब्जियों की फसलें भी खराब हो गई हैं। वहीं, कुछ किसानों ने जिलाधिकारी की अपील को सराहा और कहा कि यदि बीमा योजना के तहत मुआवजा समय पर मिल जाए, तो नुकसान की भरपाई संभव है।
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