एक साल बाद भी पीड़ित परिवार उस दर्दनाक मंजर को भुला नहीं पाए हैं। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया, उनके लिए समय जरूर आगे बढ़ा है, लेकिन दुख आज भी उतना ही गहरा है। इस हमले की गूंज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सुनाई दी थी और कई देशों ने इसकी कड़ी निंदा करते हुए भारत के साथ एकजुटता दिखाई थी।
हमले की पहली बरसी पर भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी और उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि इजरायल आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ मजबूती से खड़ा है। अजार ने कहा, “इजरायल की ओर से हम पीड़ित परिवारों और भारत के लोगों के साथ हैं। यह दुख हम अच्छी तरह समझते हैं।”
उन्होंने 7 अक्टूबर 2023 को हमास द्वारा इजरायल पर किए गए हमले का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी त्रासदियां यह साबित करती हैं कि आतंकवाद की कोई सीमा नहीं होती। “भारत और इजरायल इस वैश्विक खतरे के खिलाफ एकजुट हैं,” उन्होंने कहा।
गौरतलब है कि 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में पर्यटकों को निशाना बनाकर यह हमला किया गया था। आतंकियों ने कथित तौर पर धर्म पूछकर लोगों को गोली मारी थी। इस हमले में 25 पर्यटकों और एक स्थानीय टट्टू चालक की मौत हुई थी, जिसने पर्यटकों को बचाने की कोशिश की थी।
हमले की जिम्मेदारी ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ नामक संगठन ने ली थी, जिसे पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा माना जाता है। इस हमले के जवाब में भारतीय सशस्त्र बलों ने 6 और 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाकर पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था।
पहलगाम हमले की बरसी पर देशभर में शहीदों को श्रद्धांजलि दी जा रही है। यह दिन न केवल शोक का प्रतीक है, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ देश की एकजुटता और संकल्प को भी दर्शाता है।