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आई-पैक रेड मामले में ममता बनर्जी को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं, 18 अगस्त को होगी अगली सुनवाई

Published on: May 23, 2026
Mamta Banerjee in I-pack raid case

द  देवरिया न्यूज़,नई दिल्ली : आई-पैक रेड मामले में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट अब 18 अगस्त को सुनवाई करेगा। शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि अदालत की छुट्टियों के बाद इस मामले पर वकीलों की फिजिकल मौजूदगी में विस्तृत सुनवाई की जाएगी।

यह मामला उस कथित घटना से जुड़ा है, जिसमें ईडी ने आरोप लगाया है कि आई-पैक (Indian Political Action Committee) के कोलकाता स्थित दफ्तर पर छापेमारी के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने जांच में हस्तक्षेप किया था।

ईडी ने ममता समेत अधिकारियों के खिलाफ मांगी एफआईआर

ईडी ने अपनी याचिका में ममता बनर्जी, तत्कालीन डीजीपी राजीव कुमार और तत्कालीन कोलकाता पुलिस कमिश्नर मनोज कुमार को पक्षकार बनाया है। एजेंसी ने सुप्रीम कोर्ट से इन सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

ईडी का आरोप है कि इस साल जनवरी में कथित कोयला तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत आई-पैक के दफ्तर और उसके सह-संस्थापक प्रतीक जैन के ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया गया था। इसी दौरान ममता बनर्जी और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच प्रक्रिया में बाधा डाली।

ईडी का दावा- अधिकारियों को डराया और रोका गया

प्रवर्तन निदेशालय ने अदालत में कहा कि तलाशी अभियान के दौरान उसके अधिकारियों को काम करने से रोका गया और उन्हें कथित रूप से डराने-धमकाने की कोशिश की गई।

एजेंसी के मुताबिक, 8 जनवरी को कोलकाता में चल रही कार्रवाई के दौरान राज्य प्रशासन का रवैया जांच एजेंसी के प्रति सहयोगात्मक नहीं था। ईडी ने इसे जांच प्रक्रिया में गंभीर हस्तक्षेप बताया है।

सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी

पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को गंभीर बताते हुए मौखिक टिप्पणी की थी। जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की बेंच ने कहा था कि यदि कोई मौजूदा मुख्यमंत्री जांच एजेंसियों की कार्रवाई में हस्तक्षेप करता है, तो यह लोकतंत्र के लिए खतरा पैदा कर सकता है।

बेंच ने कहा था,
“यह केवल राज्य और केंद्र के बीच का विवाद नहीं है। यह उस व्यक्ति का आचरण है, जो संयोग से एक राज्य का मुख्यमंत्री है और जिसकी कार्रवाई पूरी व्यवस्था और लोकतंत्र को प्रभावित कर सकती है।”

हालांकि अदालत ने अभी मामले में कोई अंतिम टिप्पणी या आदेश जारी नहीं किया है।

क्या है आई-पैक मामला?

आई-पैक यानी इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी देश की चर्चित राजनीतिक रणनीति और चुनाव प्रबंधन से जुड़ी संस्था है। यह विभिन्न राजनीतिक दलों और नेताओं के लिए चुनावी रणनीति तैयार करने का काम करती रही है।

ईडी का दावा है कि कथित कोयला तस्करी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कुछ आर्थिक लेनदेन और दस्तावेजों की जांच के लिए आई-पैक से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की गई थी।

अब इस हाई-प्रोफाइल मामले पर सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 18 अगस्त को होगी, जहां ईडी और अन्य पक्षों की दलीलों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है।


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