Breaking News
ट्रेंडिंग न्यूज़देवरिया न्यूज़उत्तर प्रदेश न्यूज़राष्ट्रीय न्यूज़अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़राजनीतिक न्यूज़अपराधिक न्यूज़स्पोर्ट्स न्यूज़एंटरटेनमेंट न्यूज़बिज़नस न्यूज़टेक्नोलॉजी अपडेट लेटेस्ट गैजेट अपडेटमौसम

सुप्रीम कोर्ट ने एलोपैथी बनाम आयुष डॉक्टरों के वेतनमान और सेवा शर्तों पर फैसला बड़ी पीठ को सौंपा

Published on: October 20, 2025
Supreme Court allopathy vs ayush
द देवरिया न्यूज़ ,नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम सवाल पर विचार के लिए मामला बड़ी पीठ को भेज दिया है—क्या आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी जैसी स्वदेशी चिकित्सा पद्धतियों का अभ्यास करने वाले डॉक्टरों को एलोपैथिक डॉक्टरों के समान सेवा शर्तें, सेवानिवृत्ति आयु और वेतनमान दिए जा सकते हैं? 13 मई को मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति बी.आर. गवई और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ ने इस विषय पर दायर याचिकाओं पर सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया था। बुधवार 17 अक्टूबर को सुनाए गए आदेश में पीठ ने कहा कि इस प्रश्न पर अब तक विभिन्न निर्णयों में भिन्न-भिन्न व्याख्याएं सामने आई हैं, इसलिए एक स्पष्ट और आधिकारिक फैसला आवश्यक है।

पीठ ने माना कि इस मामले में यह तय करना ज़रूरी है कि आयुष चिकित्सकों को एलोपैथिक डॉक्टरों की तरह सेवानिवृत्ति लाभ और वेतनमान दिए जा सकते हैं या नहीं। अदालत ने कहा कि “हम राज्यों के इस तर्क को नज़रअंदाज़ नहीं कर सकते कि एलोपैथिक डॉक्टरों की सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि जनता को पर्याप्त अनुभवी चिकित्सक मिलते रहें। एलोपैथी में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है, जबकि स्वदेशी चिकित्सा पद्धतियों में ऐसी स्थिति नहीं है, क्योंकि वहां जीवन रक्षक चिकित्सा और शल्य चिकित्सा का दायरा सीमित है।”

पीठ ने कहा कि दोनों चिकित्सा पद्धतियों की प्रकृति, कार्यक्षेत्र और प्रशिक्षण में अंतर को देखते हुए, समान सेवा शर्तों पर निर्णय के लिए विस्तृत विचार जरूरी है। इसलिए यह मामला बड़ी पीठ को भेजा जा रहा है ताकि इस पर व्यापक दृष्टिकोण से निर्णय लिया जा सके। अदालत ने रजिस्ट्री को निर्देश दिया है कि इस मुद्दे को प्रशासनिक पक्ष से भारत के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष प्रस्तुत किया जाए, ताकि उचित बड़ी पीठ गठित कर सुनवाई की जा सके।

इस फैसले का असर देशभर के सरकारी अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों और मेडिकल संस्थानों में कार्यरत लाखों आयुष चिकित्सकों और एलोपैथिक डॉक्टरों पर पड़ सकता है, क्योंकि दोनों वर्गों के बीच वेतनमान, पदोन्नति और सेवानिवृत्ति की आयु को लेकर लंबे समय से असमानता का विवाद चला आ रहा है।


Discover more from thedeoria.news : : Voice of rural India - ग्रामीण भारत की आवाज़

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Reply

error: Content is protected !!