Breaking News
ट्रेंडिंग न्यूज़देवरिया न्यूज़उत्तर प्रदेश न्यूज़राष्ट्रीय न्यूज़अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़राजनीतिक न्यूज़अपराधिक न्यूज़स्पोर्ट्स न्यूज़एंटरटेनमेंट न्यूज़बिज़नस न्यूज़टेक्नोलॉजी अपडेट लेटेस्ट गैजेट अपडेटमौसम

बिहार में महागठबंधन की हार के बाद विपक्ष में गहरे संकट के संकेत, आने वाले राज्य चुनावों पर भी पड़ेगा असर

Published on: November 18, 2025
After the defeat of Grand Alliance in Bihar

द देवरिया न्यूज़/नई दिल्ली: बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की करारी हार ने न सिर्फ RJD–कांग्रेस गठबंधन की रणनीति पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि आने वाले महीनों में पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु और असम जैसे बड़े राज्यों में होने वाले चुनावों से पहले विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A. की एकजुटता और भविष्य पर भी गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, बिहार के नतीजे विपक्ष के भीतर चल रहे अंतर्विरोधों को उजागर करते हैं और यह संकेत देते हैं कि यदि समन्वय और नेतृत्वगत भ्रम दूर नहीं हुआ, तो विपक्ष आने वाले चुनावों में और कमजोर हो सकता है।


चुनाव के समय से ही बिखरा था महागठबंधन

बिहार में महागठबंधन शुरुआत से ही चुनौतियों और असहमति से घिरा रहा। RJD और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर मतभेद खुलेआम सामने आए।

  • सीटों के वितरण में देरी

  • मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के चेहरे पर अस्पष्टता

  • प्रचार रणनीति पर समन्वय की कमी
    इन सबने यह संदेश दिया कि गठबंधन भीतर से असंगठित है और नेतृत्व स्पष्ट नहीं है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जब विपक्ष खुद एकजुटता का संदेश नहीं दे सका, तो उसका सीधा प्रभाव मतदाताओं के फैसले पर पड़ा। कई स्थानों पर समर्थक यह समझ ही नहीं पाए कि गठबंधन का नेतृत्व कौन करेगा और सरकार बनने पर किसकी भूमिका क्या होगी।


जहाँ सहयोगी आमने-सामने थे, वहां वोट सीधे NDA की झोली में गए

बिहार के चुनावों में महागठबंधन की सबसे बड़ी कमजोरी यह रही कि सहयोगी दलों ने कई सीटों पर एक-दूसरे के खिलाफ सीधे मुकाबला किया।
जानकारी के अनुसार:

  • 11 सीटों पर महागठबंधन के सहयोगी दल एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़े।

  • इन सभी 11 सीटों पर NDA उम्मीदवार आगे रहे।

  • इनमें से 5 सीटों पर कांग्रेस और RJD आमने-सामने थे।

यह स्थिति बताती है कि गठबंधन सिर्फ कागज पर बना था, मैदान में नहीं। गठबंधन के मतदाताओं में भ्रम की स्थिति रही और इसका लाभ सीधे तौर पर NDA को मिला।


क्या यह I.N.D.I.A. गठबंधन के भविष्य का संकेत है?

बिहार के नतीजों ने I.N.D.I.A. गठबंधन की भविष्य की रणनीति को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब सबसे बड़ी चुनौती यह है कि आगामी चुनावों में सहयोगी दलों के बीच तालमेल कैसे सुनिश्चित किया जाए, क्योंकि:

  • पश्चिम बंगाल में कांग्रेस तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ चुनाव लड़ती है।

  • केरल में कांग्रेस और CPI(M) आमने-सामने होती हैं।

  • असम में कांग्रेस को स्थानीय क्षेत्रीय दलों से तालमेल बैठाने में कठिनाई होती है।

  • तमिलनाडु में DMK का दबदबा है, लेकिन कांग्रेस की भूमिका सीमित रहती है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि I.N.D.I.A. घटक दल आपसी प्रतिस्पर्धा को नियंत्रित नहीं कर सके, तो गठबंधन केवल एक ढांचा बनकर रह जाएगा, जिसका चुनावी प्रभाव कम होता जाएगा।


कांग्रेस की सौदेबाजी की क्षमता कमजोर पड़ सकती है

बिहार की हार ने कांग्रेस की राष्ट्रीय स्तर पर स्थिति को भी प्रभावित किया है।
अब गठबंधन की राजनीति में कांग्रेस के लिए यह चुनौती और बढ़ गई है कि वह:

  1. एक तरफ क्षेत्रीय दलों के साथ गठबंधन बनाए रखे,

  2. और दूसरी तरफ उन राज्यों में अपनी राजनीतिक जमीन भी न छोड़े, जहाँ उसका संगठन अब भी सक्रिय है।

कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक, पार्टी का लक्ष्य BJP को रोकने के लिए समान विचारधारा वाले दलों के साथ सहयोग जारी रखना है, लेकिन इसके साथ वह अपने पारंपरिक वोट बैंक और क्षेत्रीय प्रभाव को कमजोर नहीं होने देना चाहती। यह दोहरी चुनौती आने वाले महीनों में कांग्रेस के लिए कठिन संतुलन का काम साबित हो सकती है।


आने वाले चुनावों पर पड़ेगा सीधा असर

बिहार के नतीजों का राजनीतिक संदेश साफ है—यदि विपक्ष समन्वय, नेतृत्व और रणनीति पर एकमत नहीं हुआ, तो आगामी राज्यों में भी मुश्किलें सामने आ सकती हैं।
खासतौर पर पश्चिम बंगाल और केरल जैसे राज्यों में, जहां सहयोग और प्रतिस्पर्धा दोनों एक साथ मौजूद हैं।

आने वाले महीनों में I.N.D.I.A. गठबंधन की बैठकों और रणनीतियों पर सभी की निगाहें होंगी। बिहार की हार ने एक बात साफ कर दी है—गठजोड़ सिर्फ घोषणा से नहीं, बल्कि ज़मीनी एकजुटता से बनता है।


इसे भी पढ़ें : तीन दिन से लापता युवक का शव छोटी गंडक नदी में मिला, गांव में मातम; पुलिस जांच में जुटी

Discover more from thedeoria.news : : Voice of rural India - ग्रामीण भारत की आवाज़

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Read Also

BJP State Working Committee

भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में शामिल हुए कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही, मिशन 2027 को लेकर बनी रणनीति

Rahul Gandhi's major announcement

राहुल गांधी का बड़ा ऐलान: बारिश के चलते CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जन महाभियोग कार्यक्रम टला, अब शनिवार को होगा आयोजन

Leader of the Cockroach Janata Party

कॉकरोच जनता पार्टी के नेता सौरव दास के खिलाफ मद्रास हाई कोर्ट में याचिका, पहचान और पासपोर्ट की जांच की मांग; अदालत ने भेजा नोटिस

Rahul on the issue of vote theft

वोट चोरी के मुद्दे पर राहुल गांधी के समर्थन में उतरे शशि थरूर, 1 नवंबर को दिल्ली की महारैली में होंगे शामिल

SP’s poster politics in UP

यूपी में सपा की पोस्टर पॉलिटिक्स से मचा सियासी घमासान, लखनऊ में लगे ‘चचा हैं तो सपा है’ के होर्डिंग; अखिलेश यादव की तस्वीर गायब

Previous Class Four killed in road accident

कुशीनगर : सड़क हादसे में चार युवकों की मौत, दो इंटर के छात्र शामिल : तीन घायल, एक की हालत गंभीर

Leave a Reply

error: Content is protected !!