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230 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर 48 घंटे तक डटा रहा बुजुर्ग, रेस्क्यू के बाद सामने आई चौंकाने वाली कहानी

Published on: July 10, 2026
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द  देवरिया न्यूज़,छिंदवाड़ा/पांढुर्णा : मध्य प्रदेश के पांढुर्णा जिले में पिछले दो दिनों से चर्चा का विषय बना 230 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़े बुजुर्ग का रेस्क्यू आखिरकार सफल हो गया। सोमवार शाम शुरू हुआ यह हाई-वोल्टेज ड्रामा बुधवार शाम करीब 48 घंटे बाद खत्म हुआ, जब प्रशासन ने कड़ी मशक्कत के बाद बुजुर्ग को सुरक्षित नीचे उतार लिया। बुजुर्ग की पहचान पश्चिम बंगाल के मिदनापुर निवासी 60 वर्षीय अंबुज दिगर के रूप में हुई है। पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और बिजली विभाग की संयुक्त टीम ने लगातार प्रयास कर उन्हें सुरक्षित नीचे उतारा।

बेटी से मिलने गया था नागपुर, गलती से पहुंच गया पांढुर्णा

पुलिस जांच में सामने आया कि अंबुज दिगर कुछ दिन पहले अपनी बेटी से मिलने नागपुर गए थे। वहां से पश्चिम बंगाल लौटने के दौरान वह गलती से भोपाल जाने वाली ट्रेन में सवार हो गए। भोपाल पहुंचने पर उन्हें अपनी भूल का एहसास हुआ, जिसके बाद उन्होंने नागपुर लौटने के लिए दूसरी ट्रेन पकड़ी और पांढुर्णा रेलवे स्टेशन पर उतर गए। हालांकि, स्टेशन से बाहर आने के बाद किन परिस्थितियों में वह 230 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गए, इसका स्पष्ट कारण अभी तक सामने नहीं आया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

48 घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन

सोमवार शाम करीब 5:30 बजे स्थानीय लोगों ने बुजुर्ग को टावर पर चढ़ते देखा और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और उन्हें सुरक्षित नीचे लाने के प्रयास शुरू किए। लगातार दो दिनों तक अधिकारी मौके पर डटे रहे। समझाइश, बातचीत और भरोसा दिलाने के बाद बुधवार शाम करीब 6 बजे बुजुर्ग आखिरकार टावर से नीचे उतरने के लिए तैयार हो गए।

अस्पताल में भी बार-बार दोहराई एक ही बात

रेस्क्यू के तुरंत बाद अंबुज दिगर को पांढुर्णा के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार, दो दिन तक बिना भोजन और पानी के टावर पर रहने के बावजूद उनकी शारीरिक स्थिति सामान्य है। हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि वह मानसिक रूप से असमंजस और तनाव की स्थिति में हैं। इलाज और काउंसिलिंग के दौरान भी वह लगातार एक ही बात दोहरा रहे हैं—“मुझे बस नागपुर जाना है।”

जेब से मिली पर्ची ने खोला पूरा राज

रेस्क्यू के दौरान बुजुर्ग की जेब से एक पर्ची मिली, जिस पर लिखे मोबाइल नंबरों के आधार पर पुलिस ने उनकी पहचान की। जांच में पता चला कि पश्चिम बंगाल में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट पहले से दर्ज थी। इसके बाद पांढुर्णा पुलिस ने पश्चिम बंगाल और नागपुर पुलिस के माध्यम से उनके परिजनों को सूचना दे दी है। सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद अंबुज दिगर को उनके परिवार के सुपुर्द किया जाएगा।


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