प्रशासन के अनुसार, ऑनलाइन स्व-जनगणना को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ी है, जिसके चलते हर दिन हजारों लोग पोर्टल के माध्यम से अपना पंजीकरण करा रहे हैं। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अभियान को लेकर लगातार प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, जिससे लोगों को इसकी प्रक्रिया और महत्व के बारे में जानकारी मिल रही है।
इसी क्रम में अपर जिलाधिकारी एवं जनगणना प्रभारी रामशंकर ने जनपद न्यायाधीश, प्रमुख न्यायाधीश परिवार न्यायालय तथा मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के न्यायाधीश से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सभी अधिकारियों की ऑनलाइन स्व-जनगणना प्रक्रिया पूरी कराई। जनगणना पूर्ण होने के बाद पोर्टल से जनरेटेड आईडी भी प्राप्त की गई, जिसे सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए।
अपर जिलाधिकारी रामशंकर ने बताया कि स्व-जनगणना की सुविधा आमजन को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि कई बार गणनाकर्मी के घर पहुंचने पर परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं रहता या लोग किसी आवश्यक कार्य में व्यस्त होते हैं। ऐसी स्थिति में ऑनलाइन स्व-जनगणना लोगों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रही है। इससे न केवल समय की बचत हो रही है, बल्कि जनगणना प्रक्रिया भी अधिक सरल और सुगम बन रही है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे स्वयं ऑनलाइन स्व-जनगणना करें और अपने आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें। रामशंकर ने बताया कि मोबाइल फोन के जरिए भी यह प्रक्रिया आसानी से पूरी की जा सकती है। इसके लिए लोगों को सिर्फ निर्धारित पोर्टल पर जाकर आवश्यक जानकारी भरनी होती है।
उन्होंने यह भी कहा कि स्व-जनगणना पूर्ण होने के बाद प्राप्त आईडी को सुरक्षित रखना जरूरी है। जब गणनाकर्मी घर पहुंचे, तो यह आईडी उन्हें दिखानी होगी ताकि दोबारा विवरण दर्ज करने की आवश्यकता न पड़े।
प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, अभियान में लगातार तेजी से प्रगति दर्ज की गई है। 7 मई को 639 लोगों ने स्व-जनगणना कराई थी, जिससे जिले की प्रगति 84.35 प्रतिशत तक पहुंची। इसके बाद 8 मई को 1290 लोगों के पंजीकरण के साथ यह आंकड़ा बढ़कर 86.35 प्रतिशत हो गया।
अभियान को लेकर लोगों की बढ़ती रुचि का असर अगले दिनों में और अधिक देखने को मिला। 9 मई को 2390 लोगों ने ऑनलाइन स्व-जनगणना कराई, जिससे उपलब्धि 87.59 प्रतिशत तक पहुंच गई। वहीं 10 मई को 4800 लोगों ने अपना पंजीकरण कराया और जिले ने 91.47 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया।
प्रशासन के मुताबिक, 11 मई को रिकॉर्ड 10 हजार लोगों ने ऑनलाइन स्व-जनगणना कराई। इसके साथ ही देवरिया जिले ने 94 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर प्रदेश में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। अधिकारियों का कहना है कि यदि इसी तरह लोगों का सहयोग मिलता रहा तो जल्द ही जिला शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लेगा।
जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि गांव-गांव और वार्ड स्तर तक लोगों को जागरूक किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग ऑनलाइन स्व-जनगणना से जुड़ सकें। प्रशासन का मानना है कि जनभागीदारी के बिना इस अभियान को सफल नहीं बनाया जा सकता।
स्व-जनगणना अभियान को लेकर जिले में सकारात्मक माहौल देखने को मिल रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ विभिन्न विभागों के कर्मचारी भी लोगों को जागरूक करने में जुटे हुए हैं। इससे देवरिया प्रदेश में तेजी से आगे बढ़ते जिलों में शामिल हो गया है।