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मिडिल ईस्ट में पहुंचा अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन, ईरान के साथ टकराव की आशंका बढ़ी

Published on: January 28, 2026
American aircraft reached Middle East

द देवरिया न्यूज़,वॉशिंगटन/तेहरान : अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी नौसेना का एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन मिडिल ईस्ट में पहुंच गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इसकी आधिकारिक पुष्टि की है। इसके बाद यह अटकलें तेज हो गई हैं कि अमेरिका किसी भी समय ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का फैसला कर सकता है। हालांकि, ईरान ने साफ कर दिया है कि किसी भी हमले का वह तेज और कड़ा जवाब देगा।

सैन्य ताकत के लिहाज से अमेरिका दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेनाओं में शामिल है, जबकि ईरान उससे काफी पीछे माना जाता है। इसके बावजूद ईरान ने बीते दशकों में अपनी मिसाइल क्षमताओं पर भारी निवेश किया है। वर्तमान में ईरान के पास मिडिल ईस्ट का सबसे बड़ा मिसाइल जखीरा बताया जाता है, जिसमें 3,000 से अधिक मिसाइलें शामिल हैं। इनमें फतेह-110 जैसी सटीक गाइडेड मिसाइलें भी हैं, जो संकरे समुद्री रास्तों से गुजरने वाले युद्धपोतों को निशाना बनाने में सक्षम मानी जाती हैं।

ईरान की संभावित रणनीति

विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी नौसेना के खिलाफ ईरान की सबसे प्रभावी रणनीति एक साथ बड़ी संख्या में ड्रोन, रॉकेट और मिसाइलें दागने की हो सकती है। इस तरह के हमले से अमेरिकी कैरियर स्ट्राइक ग्रुप के रडार और रक्षा प्रणाली पर दबाव बढ़ सकता है। ईरान पहले भी बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमलों की क्षमता का प्रदर्शन कर चुका है।

अमेरिकी नौसेना की रक्षा व्यवस्था

USS अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप की सुरक्षा मुख्य रूप से अर्ले बर्क-क्लास विध्वंसक करते हैं। प्रत्येक विध्वंसक में करीब 90 से 98 वर्टिकल लॉन्च सेल होते हैं, जिनसे रक्षात्मक मिसाइलें दागी जाती हैं। यदि एक साथ आने वाले खतरों की संख्या इन रक्षात्मक मिसाइलों से अधिक हो जाए, तो जहाजों पर दबाव बढ़ सकता है।

अमेरिकी नौसेना की प्रमुख रक्षा प्रणाली एजिस कॉम्बैट सिस्टम है, जो SPY-1 रडार की मदद से एक साथ 100 से अधिक लक्ष्यों को ट्रैक और निशाना बना सकता है। लंबी दूरी से खतरों को नष्ट करने के लिए स्टैंडर्ड मिसाइल-6 (SM-6) का उपयोग किया जाता है, जिसकी मारक क्षमता लगभग 240 किलोमीटर तक बताई जाती है।

बहुस्तरीय सुरक्षा कवच

अगर बाहरी रक्षा परत को भेद लिया जाए, तो अमेरिकी जहाजों के पास मध्यम दूरी की सुरक्षा के लिए इवॉल्वड सीस्पैरो मिसाइल (ESSM) मौजूद है। इसकी खासियत यह है कि एक ही लॉन्च सेल में चार मिसाइलें रखी जा सकती हैं। अंतिम सुरक्षा परत के तौर पर फैलेंक्स क्लोज-इन वेपन सिस्टम काम करता है, जो रडार-गाइडेड होता है और प्रति मिनट करीब 4,500 राउंड फायर करने में सक्षम है। कुल मिलाकर, USS अब्राहम लिंकन की मिडिल ईस्ट में तैनाती ने क्षेत्र में रणनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि आने वाले दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच हालात किस दिशा में बढ़ते हैं।


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