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मुंबई-पुणे मिसिंग लिंक पर विधानसभा में घमासान, फडणवीस का विपक्ष पर हमला; बोले- ‘महाराष्ट्र का अपमान बर्दाश्त नहीं’

Published on: July 10, 2026
Assembly on Mumbai-Pune missing link

द  देवरिया न्यूज़,मुंबई : महाराष्ट्र विधानसभा में शहरों के विकास पर नियम 293 के तहत हुई चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई-पुणे ‘मिसिंग लिंक’ एक्सप्रेसवे परियोजना का जोरदार बचाव किया और विपक्ष के भ्रष्टाचार तथा निर्माण गुणवत्ता से जुड़े आरोपों को खारिज कर दिया। हाल ही में भारी बारिश के दौरान परियोजना क्षेत्र में हुए भूस्खलन को लेकर उठे सवालों के बीच मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर चल रहे अभियानों और विपक्ष की आलोचना पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी।

भूस्खलन के बाद विपक्ष ने उठाए थे सवाल

करीब 7,000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार मुंबई-पुणे मिसिंग लिंक परियोजना के एक हिस्से में भारी बारिश के कारण भूस्खलन हुआ था। इस घटना के चलते लगभग 18 घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। इसके बाद विपक्ष ने परियोजना की गुणवत्ता और कथित भ्रष्टाचार को लेकर सरकार पर निशाना साधा।

फडणवीस बोले- आलोचना की आदत है

विधानसभा में जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें व्यक्तिगत आलोचना की आदत है और इससे उन पर कोई असर नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि समय बीतने के बाद परियोजना अपनी उपयोगिता साबित करेगी और इसे बनाने वालों का योगदान याद रखा जाएगा।

सोशल मीडिया पर लगाए गंभीर आरोप

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर पैसे लेकर परियोजना के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई महाराष्ट्र की छवि खराब करने की कोशिश करेगा तो सरकार इसे गंभीरता से लेगी।

विपक्ष पर लगाए झूठ फैलाने के आरोप

फडणवीस ने विपक्ष पर परियोजना को लेकर भ्रामक जानकारी फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भारी बारिश के कारण हुई प्राकृतिक घटना को राजनीतिक मुद्दा बनाया जा रहा है, जबकि परियोजना की मुख्य संरचना पूरी तरह सुरक्षित है।

‘MVA सरकार ने रोक दी थी परियोजना’

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछली महा विकास अघाड़ी (MVA) सरकार ने इस परियोजना को आगे बढ़ाने में रुचि नहीं दिखाई थी और इसे रोकने का प्रयास किया था। उनके अनुसार, वर्तमान सरकार ने परियोजना को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया और उसे पूरा किया।

मुख्य ढांचे को नहीं पहुंचा नुकसान

फडणवीस ने विधानसभा को बताया कि भारी बारिश के कारण पहाड़ से मलबा गिरकर बाहरी मेहराब (आर्च) पर आ गया, जिससे उसका एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ, लेकिन सुरंग और मुख्य संरचना पूरी तरह सुरक्षित रही। उन्होंने कहा कि परियोजना के इंटीग्रेटेड सेफ्टी सिस्टम ने समय पर काम किया और आपातकालीन दलों ने तेजी से मलबा हटाकर 18 घंटे के भीतर यातायात बहाल कर दिया।

परियोजना की विशेषताओं का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुंबई-पुणे मिसिंग लिंक परियोजना में भारत का सबसे ऊंचा केबल-स्टेयड पुल और दुनिया की सबसे चौड़ी ट्विन टनल शामिल है। उन्होंने इसे देश की महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग उपलब्धियों में से एक बताया।

कोंकण रेलवे का दिया उदाहरण

फडणवीस ने समाजवादी नेता मधु दंडवते और कोंकण रेलवे परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि शुरुआत में उस परियोजना को भी भूस्खलन जैसी चुनौतियों के कारण असंभव बताया गया था। लेकिन समय के साथ तकनीकी समाधान विकसित किए गए और आज कोंकण रेलवे देश की महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं में शामिल है।

भारी बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य जारी

मुख्यमंत्री ने बताया कि वसई-विरार क्षेत्र में 72 घंटे के दौरान 772 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे बिजली और दूरसंचार सेवाएं प्रभावित हुईं। उन्होंने कहा कि सरकार की आपदा प्रबंधन टीमें राहत एवं पुनर्बहाली कार्यों में जुटी हैं तथा प्रभावित जिलों को तत्काल सहायता राशि जारी कर दी गई है।

नोट: मुंबई-पुणे मिसिंग लिंक परियोजना को लेकर सरकार और विपक्ष के अलग-अलग दावे हैं। परियोजना की गुणवत्ता और भूस्खलन के कारणों को लेकर संबंधित एजेंसियों की जांच और आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।


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