Breaking News
ट्रेंडिंग न्यूज़देवरिया न्यूज़उत्तर प्रदेश न्यूज़राष्ट्रीय न्यूज़अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़राजनीतिक न्यूज़अपराधिक न्यूज़स्पोर्ट्स न्यूज़एंटरटेनमेंट न्यूज़बिज़नस न्यूज़टेक्नोलॉजी अपडेट लेटेस्ट गैजेट अपडेटमौसम

TIME की 100 प्रभावशाली लोगों की सूची में नेपाल के बालेन शाह और बांग्लादेश के तारिक रहमान, युवा नेतृत्व की नई पहचान

Published on: April 17, 2026
TIME's 100 most influential people
द  देवरिया न्यूज़,काठमांडू : प्रतिष्ठित टाइम मैगजीन ने दुनिया के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की सूची जारी की है, जिसमें नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह और बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को शामिल किया गया है। दोनों ही नेता अपने-अपने देशों के सबसे युवा और उभरते हुए चेहरे माने जा रहे हैं। इस उपलब्धि के बाद नेपाल और बांग्लादेश में खुशी का माहौल है और लोग अपने नेताओं पर गर्व जता रहे हैं।
टाइम मैगजीन ने बालेन शाह को एक ऐसे युवा नेता के रूप में प्रस्तुत किया है, जिन्होंने पारंपरिक राजनीति को चुनौती देते हुए नई सोच के साथ सत्ता हासिल की। 35 वर्षीय बालेन शाह, जो कभी हिप-हॉप कलाकार रह चुके हैं, मार्च में नेपाल के सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्री बने। उनकी जीत को देश में युवाओं के बढ़ते असंतोष और भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ गुस्से का परिणाम बताया गया है।
मैगजीन के अनुसार, बालेन शाह की लोकप्रियता का मुख्य कारण उनकी स्पष्टवादिता और भ्रष्टाचार के खिलाफ आक्रामक रुख है। इससे पहले काठमांडू के मेयर के रूप में उन्होंने लालफीताशाही को कम करते हुए कचरा प्रबंधन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार किया। हालांकि, टाइम ने यह भी संकेत दिया है कि अब असली चुनौती उनके सामने राष्ट्रीय स्तर पर उसी सफलता को दोहराने की है। नेपाली जनता को उनसे बड़ी उम्मीदें हैं और यह देखना अहम होगा कि वे अपने वादों पर कितना खरे उतरते हैं।
वहीं, बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को टाइम ने एक ऐसे नेता के रूप में चित्रित किया है, जिन्होंने लंबे राजनीतिक संघर्ष और निर्वासन के बाद सत्ता में वापसी की। 57 वर्षीय रहमान ने 17 वर्षों तक देश से बाहर रहने के बाद चुनाव में जीत हासिल की और प्रधानमंत्री बने। उनकी यह जीत उस समय आई जब देश में राजनीतिक बदलाव की लहर चल रही थी।
टाइम मैगजीन ने लिखा है कि रहमान ने अपनी मां और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की विरासत को आगे बढ़ाया है। हालांकि, उनके सामने कई गंभीर चुनौतियां भी हैं। बांग्लादेश इस समय महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक दबाव से जूझ रहा है। इसके अलावा भारत के साथ संबंधों में आई गिरावट भी उनके लिए एक बड़ी कूटनीतिक चुनौती है।
मैगजीन ने यह भी उल्लेख किया कि रहमान पर पहले लगे भ्रष्टाचार के आरोप, भले ही अदालतों द्वारा खारिज किए जा चुके हों, फिर भी उनकी छवि पर असर डाल सकते हैं। ऐसे में उनका शुरुआती कार्यकाल काफी अहम माना जा रहा है।
दोनों नेताओं का इस सूची में शामिल होना यह दर्शाता है कि दक्षिण एशिया में युवा और बदलाव की राजनीति को वैश्विक स्तर पर पहचान मिल रही है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि ये नेता अपने-अपने देशों की उम्मीदों पर कितना खरा उतर पाते हैं।

इसे भी पढ़ें : 22 अप्रैल से शुरू होगा निर्धन सम्मान निधि वितरण, जरूरतमंदों को मिलेंगे नकद व मच्छरदानी

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Reply