बुधवार को हुई बैठक में दोनों देशों ने आर्थिक, रक्षा, डिजिटल टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को विस्तार देने पर सहमति जताई। राष्ट्रपति तो लाम का यह भारत दौरा द्विपक्षीय रिश्तों को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और वियतनाम का हिंद-प्रशांत क्षेत्र को लेकर साझा दृष्टिकोण है और दोनों देश कानून के शासन, शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए मिलकर काम करते रहेंगे। उन्होंने बताया कि पिछले एक दशक में दोनों देशों के बीच व्यापार दोगुना होकर 16 अरब डॉलर तक पहुंच गया है और 2030 तक इसे 25 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही, भारत के अंगूर और अनार जैसे कृषि उत्पाद जल्द ही वियतनाम के बाजार में पहुंचेंगे।
आतंकवाद के मुद्दे पर भी दोनों देशों के बीच एकजुटता देखने को मिली। प्रधानमंत्री मोदी ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा करने और भारत के समर्थन के लिए वियतनाम का आभार जताया।
राष्ट्रपति तो लाम की यह तीन दिवसीय भारत यात्रा उनके हालिया निर्वाचन के बाद पहली राजकीय यात्रा है। उनके साथ एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है। यात्रा के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने भी उनसे मुलाकात कर रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा की।
भारत आगमन से पहले राष्ट्रपति तो लाम ने बिहार के महाबोधि मंदिर में पूजा-अर्चना की, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। भारत और वियतनाम के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक संबंध लगातार मजबूत होते जा रहे हैं, जिन्हें यह यात्रा और नई गति देने वाली मानी जा रही है।