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ईरान का अमेरिका को 14-सूत्रीय प्रस्ताव, युद्ध खत्म करने के साथ परमाणु वार्ता का संकेत

Published on: May 5, 2026
Iran's 14-point offer to America
द  देवरिया न्यूज़,तेहरान : ईरान ने अमेरिका के साथ जारी तनाव और संघर्ष को समाप्त करने के उद्देश्य से 14-सूत्रीय नया राजनयिक प्रस्ताव पेश किया है। इस प्रस्ताव में युद्धविराम, आर्थिक नाकेबंदी हटाने और भविष्य में परमाणु मुद्दों पर बातचीत की संभावना जैसे महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं। हालांकि, ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम में तत्काल किसी ठोस रियायत देने की स्पष्ट प्रतिबद्धता नहीं जताई है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान इस प्रस्ताव के जरिए अमेरिका पर दबाव बनाना चाहता है कि वह पहले युद्ध समाप्त करे और ईरानी बंदरगाहों पर लगी नाकेबंदी हटाए। इसके बाद ही तेहरान परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत के लिए तैयार हो सकता है। प्रस्ताव के एक प्रमुख बिंदु में संकेत दिया गया है कि दोनों देशों के बीच परमाणु वार्ता बाद के चरण में शुरू की जा सकती है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे इसका अध्ययन कर रहे हैं, लेकिन किसी समझौते को लेकर अभी आश्वस्त नहीं हैं। उन्होंने एक दिन पहले ही पाकिस्तान की मध्यस्थता से मिले पिछले प्रस्ताव पर निराशा जताई थी, जिससे दोनों देशों के बीच मतभेद साफ नजर आते हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने प्रस्ताव में यह भी संकेत दिया है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य और युद्ध समाप्ति को लेकर अगले महीने तक कोई समझौता होता है, तो वह सीमित अवधि के लिए परमाणु वार्ता शुरू करने पर सहमत हो सकता है। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि ईरान 15 वर्षों तक यूरेनियम संवर्धन रोकने के विकल्प पर चर्चा करने को तैयार है, जो पहले के प्रस्तावों की तुलना में लंबी अवधि है।
हालांकि, प्रस्ताव में यह भी स्पष्ट किया गया है कि भविष्य में ईरान 3.6 प्रतिशत तक यूरेनियम संवर्धन जारी रख सकता है, जो 2015 के परमाणु समझौते (JCPOA) के तहत तय सीमा के करीब है। इसके अलावा, ईरान ने अपने उच्च संवर्धित यूरेनियम (HEU) भंडार के भविष्य पर भी चर्चा की पेशकश की है, जिसमें इसे विदेश भेजने या कम करने जैसे विकल्प शामिल हैं।
दूसरी ओर, अमेरिका की मांग है कि ईरान अपने HEU भंडार को पूरी तरह सौंप दे और यूरेनियम संवर्धन को स्थायी रूप से बंद करे। ईरान ने अपने प्रस्ताव में यह भी स्पष्ट किया है कि वह अपनी किसी भी परमाणु सुविधा को नष्ट नहीं करेगा, बल्कि संभावित रियायतों के बदले प्रतिबंधों में ढील चाहता है।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा कि यह प्रस्ताव पूरी तरह युद्ध समाप्त करने पर केंद्रित है और इसमें परमाणु मुद्दों को औपचारिक रूप से शामिल नहीं किया गया है। हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि प्रस्ताव में परमाणु वार्ता के संकेत देकर ईरान ने बातचीत के लिए एक रास्ता खुला रखा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान की मौजूदा आर्थिक स्थिति भी इस पहल के पीछे एक बड़ा कारण हो सकती है। अमेरिकी प्रतिबंधों और युद्ध की स्थिति के चलते देश की अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ा है और बेरोजगारी तेजी से बढ़ी है। ऐसे में सरकार पर आंतरिक दबाव भी बढ़ रहा है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि यह प्रस्ताव दोनों देशों के बीच किसी ठोस समझौते का आधार बन पाएगा या नहीं, लेकिन इसे तनाव कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक कदम के रूप में देखा जा रहा है।

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