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संसद परिसर में प्रियंका गांधी और कल्याण बनर्जी के बीच दिलचस्प नोकझोंक, ममता बनर्जी को लेकर हुई खुलकर चर्चा

Published on: July 31, 2026
Priyanka Gandhi in the Parliament complex.

द  देवरिया न्यूज़,नई दिल्ली : संसद के मानसून सत्र के दौरान एक ओर जहां लोकसभा और राज्यसभा में विभिन्न मुद्दों पर लगातार हंगामा देखने को मिल रहा है, वहीं संसद परिसर में कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेताओं के बीच हुई एक अनौपचारिक बातचीत ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी के बीच हुई यह बातचीत अब सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रही है।

’20 गद्दार’ वाले पोस्टर पर शुरू हुई बातचीत

गुरुवार को संसद परिसर में प्रियंका गांधी कांग्रेस सांसदों के साथ बातचीत कर रही थीं। इसी दौरान टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी वहां पहुंचे। उनके गले में एक पोस्टर लटका हुआ था, जिस पर “लोकसभा में बंगाल के 20 गद्दार” लिखा था। यह पोस्टर पश्चिम बंगाल की राजनीति में दल बदलने वाले नेताओं को लेकर था।

पोस्टर को देखते हुए प्रियंका गांधी ने मुस्कुराते हुए कहा कि जिन नेताओं के नाम इस बैनर में लिखे गए हैं, उनमें से कुछ पहले कांग्रेस छोड़कर टीएमसी में गए और बाद में वहां से भी चले गए। प्रियंका की इस टिप्पणी के बाद वहां मौजूद नेताओं के बीच हल्की-फुल्की हंसी का माहौल बन गया।

कल्याण बनर्जी ने दिया करारा जवाब

प्रियंका गांधी की टिप्पणी का जवाब देते हुए कल्याण बनर्जी ने कहा कि वे नेता कांग्रेस को वर्ष 2014 में ही छोड़ चुके थे। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति कमजोर है और जिन नेताओं का जिक्र हो रहा है, वे कभी कांग्रेस के टिकट पर सांसद बनकर नहीं पहुंचे, बल्कि टीएमसी के टिकट पर चुनाव जीतकर संसद पहुंचे थे।

इस दौरान निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने बीच में हस्तक्षेप करते हुए कहा कि वे मूल रूप से कांग्रेसी ही थे। इस पर कल्याण बनर्जी ने जवाब दिया कि “हम लोग भी कभी कांग्रेस में थे।”

ममता बनर्जी का जिक्र आते ही बदला बातचीत का रुख

बातचीत के दौरान कल्याण बनर्जी ने कहा कि वे स्वयं कांग्रेस संगठन में उपाध्यक्ष रह चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने ही ममता बनर्जी को पार्टी से दूर कर दिया था। उनका कहना था कि यदि ममता बनर्जी कांग्रेस से अलग नहीं होतीं तो आज पश्चिम बंगाल में कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति बिल्कुल अलग होती।

उन्होंने कहा कि वर्ष 1997 में ममता बनर्जी को कांग्रेस छोड़नी पड़ी और इसके बाद राज्य की राजनीति पूरी तरह बदल गई। कल्याण बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि उस समय कांग्रेस और वाम दलों की नजदीकियों के कारण ममता बनर्जी को अलग रास्ता अपनाना पड़ा।

प्रियंका गांधी ने याद किए राजीव गांधी

कल्याण बनर्जी की बात पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि उनके पिता और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ममता बनर्जी का काफी सम्मान करते थे। इस पर कल्याण बनर्जी ने भी सहमति जताते हुए कहा कि राजीव गांधी ममता बनर्जी को बेहद स्नेह और सम्मान देते थे।

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि बाद के वर्षों में राजनीतिक परिस्थितियां बदल गईं और कांग्रेस की रणनीति के कारण ममता बनर्जी को अलग पार्टी बनानी पड़ी।

विपक्षी एकता के बीच चर्चा में आया पुराना राजनीतिक इतिहास

बातचीत के दौरान पप्पू यादव ने कहा कि आज कांग्रेस और टीएमसी दोनों विपक्षी गठबंधन के साथ हैं। इस पर कल्याण बनर्जी ने भी सहमति जताई। हालांकि तब तक प्रियंका गांधी वहां से आगे बढ़ चुकी थीं।

प्रियंका गांधी और कल्याण बनर्जी के बीच हुई यह अनौपचारिक बातचीत अब राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई है। कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बातचीत ने पश्चिम बंगाल की राजनीति और कांग्रेस-टीएमसी के पुराने रिश्तों की याद ताजा कर दी। वहीं सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर विभिन्न राजनीतिक दल अपने-अपने तरीके से प्रतिक्रिया दे रहे हैं।


इसे भी पढ़ें : प्रयागराज में अतीक अहमद की 110 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति कुर्क, गैंगस्टर एक्ट के तहत पुलिस की बड़ी कार्रवाई


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