द देवरिया न्यूज़,वॉशिंगटन/जिनेवा : अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित शांति समझौते पर शुक्रवार को जिनेवा में हस्ताक्षर होने की चर्चा के बीच सऊदी मीडिया संस्थान अल-अरबिया ने समझौते के कथित ड्राफ्ट की जानकारी साझा की है। हालांकि, इस दस्तावेज़ की आधिकारिक पुष्टि अभी तक अमेरिका या ईरान की ओर से नहीं की गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, समझौते में युद्धविराम, प्रतिबंधों में राहत, अमेरिकी सैन्य उपस्थिति, ईरान के परमाणु कार्यक्रम और आर्थिक पुनर्निर्माण से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल हैं।
कथित समझौते के प्रमुख बिंदु
1. सभी मोर्चों पर स्थायी युद्धविराम
ड्राफ्ट के अनुसार लेबनान सहित क्षेत्र के सभी संघर्ष क्षेत्रों में तत्काल और स्थायी रूप से लड़ाई समाप्त करने का प्रस्ताव है।
2. अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी समाप्त
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिका ईरान पर लागू नौसैनिक नाकाबंदी को तत्काल हटाएगा और ईरानी समुद्री मार्गों में हस्तक्षेप बंद करेगा। साथ ही अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर के एक महीने के भीतर अमेरिकी सैनिकों की वापसी भी प्रस्तावित है।
3. संप्रभुता का सम्मान
दोनों देश एक-दूसरे की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने तथा आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने पर सहमत होंगे।
4. होर्मुज जलडमरूमध्य फिर खोला जाएगा
बदले में ईरान एक महीने के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोल देगा, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का महत्वपूर्ण मार्ग सामान्य रूप से संचालित हो सकेगा।
5. ईरान के पुनर्निर्माण के लिए 300 अरब डॉलर
कथित ड्राफ्ट में ईरान के पुनर्निर्माण के लिए अमेरिका और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों द्वारा कम से कम 300 अरब डॉलर की वित्तीय सहायता का उल्लेख किया गया है। ईरान इसे युद्ध क्षतिपूर्ति के रूप में देख रहा है।
6. अमेरिकी प्रतिबंधों में व्यापक राहत
समझौते के पूर्ण क्रियान्वयन के बाद ईरान पर लगे अमेरिकी प्रतिबंध हटाने का प्रावधान बताया गया है। इसमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) से संबंधित कुछ प्रतिबंधात्मक उपायों में भी राहत शामिल हो सकती है।
7. तेल निर्यात को मिलेगी मंजूरी
रिपोर्ट के मुताबिक ईरान को कच्चे तेल के निर्यात की पूर्ण अनुमति मिलेगी। साथ ही उसे वैश्विक बैंकिंग, बीमा और शिपिंग नेटवर्क तक पहुंच भी बहाल की जाएगी।
8. फ्रीज की गई संपत्तियां होंगी जारी
विदेशों में मौजूद ईरान की जब्त या फ्रीज की गई संपत्तियों को मुक्त कर उपलब्ध कराने का भी प्रस्ताव शामिल बताया गया है।
9. परमाणु हथियार नहीं बनाने का वादा
कथित समझौते में ईरान ने भविष्य में परमाणु हथियार विकसित न करने की प्रतिबद्धता जताई है। वहीं संवर्धित यूरेनियम और अन्य परमाणु मुद्दों पर अंतिम समझौते तक मौजूदा स्थिति बनाए रखने की बात कही गई है।
10. निगरानी के लिए विशेष तंत्र
समझौते के प्रभावी क्रियान्वयन और भविष्य की प्रतिबद्धताओं की निगरानी के लिए एक संयुक्त कार्यान्वयन तंत्र स्थापित करने का प्रस्ताव भी शामिल है।
आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
अल-अरबिया की रिपोर्ट में सामने आए इन बिंदुओं की अभी तक किसी भी आधिकारिक स्रोत द्वारा पुष्टि नहीं की गई है। अमेरिका और ईरान दोनों ने समझौते के पूर्ण मसौदे को सार्वजनिक नहीं किया है। ऐसे में इन दावों को फिलहाल मीडिया रिपोर्ट के रूप में ही देखा जा रहा है।
यदि समझौते पर हस्ताक्षर होते हैं और इसके प्रावधान लागू किए जाते हैं, तो यह पश्चिम एशिया की राजनीति, वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है।
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