ईरानी एजेंसियों फार्स और तस्नीम के अनुसार, IRGC नेवी ने “समुद्री नियमों का उल्लंघन” और “नेविगेशन सिस्टम से छेड़छाड़” के आरोप में MSC-Francesca और Epaminodes नामक जहाजों को अपने नियंत्रण में लेकर ईरान के तट की ओर मोड़ दिया। ईरान का कहना है कि ये जहाज बिना जरूरी परमिट के काम कर रहे थे और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन रहे थे।
इस बीच, यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने भी घटना की पुष्टि की है। एजेंसी के मुताबिक, एक कंटेनर जहाज के कप्तान ने बताया कि IRGC की एक गनबोट जहाज के करीब आई और उस पर भारी गोलीबारी की, जिससे जहाज के ब्रिज को नुकसान पहुंचा। हालांकि राहत की बात यह है कि इस हमले में किसी भी क्रू सदस्य के घायल होने की सूचना नहीं है।
रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना ओमान से लगभग 15 नॉटिकल मील उत्तर-पूर्व में हुई। संबंधित जहाज लाइबेरिया के झंडे के तहत संचालित हो रहा था और कथित तौर पर उसे पहले जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी गई थी। ब्रिटिश समुद्री सुरक्षा फर्म Vanguard Tech ने भी पुष्टि की है कि जहाज को पारगमन की जानकारी दी गई थी।
ईरान का दावा है कि जहाज ने सशस्त्र बलों की चेतावनियों को नजरअंदाज किया, जिसके बाद कार्रवाई की गई। वहीं, इस घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया है कि युद्धविराम वार्ताओं के बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थिति बेहद अस्थिर बनी हुई है।
गौरतलब है कि हाल ही में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के चलते इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। कुछ समय के लिए इसे वाणिज्यिक जहाजों के लिए खोला गया था, लेकिन बाद में ईरान ने फिर से सख्त नियंत्रण लागू कर दिया और जलमार्ग बंद करने के संकेत दिए।
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम मार्ग है। यहां बढ़ती सैन्य गतिविधियां न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा के लिए भी गंभीर चिंता का विषय बन गई हैं।