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भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान से चीन की सेना में बड़ी हलचल, कमांड स्ट्रक्चर में ‘गंभीर कमियां’ — IISS रिपोर्ट

Published on: February 27, 2026
China with campaign against corruption

द  देवरिया न्यूज़,बीजिंग : चीन की सेना पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे बड़े अभियान ने सैन्य ढांचे को झकझोर दिया है। लंदन स्थित इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज (IISS) की सालाना ‘मिलिट्री बैलेंस’ रिपोर्ट के अनुसार, इस कार्रवाई के कारण सेना के वरिष्ठ स्तर पर गंभीर कमियां पैदा हो गई हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि यह अभियान शक्तिशाली सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (CMC), क्षेत्रीय थिएटर कमांड, हथियार खरीद एजेंसियों और रक्षा अकादमिक संस्थानों तक फैला हुआ है और अभी जारी है। IISS के मुताबिक, जब तक खाली पदों को भरा नहीं जाता, तब तक PLA को अपने कमांड स्ट्रक्चर में महत्वपूर्ण कमजोरियों के साथ काम करना पड़ सकता है। हालांकि, चीनी रक्षा मंत्रालय ने इन दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

शीर्ष जनरलों पर भी कार्रवाई

यह रिपोर्ट उस समय सामने आई है जब चीन के दो शीर्ष सैन्य अधिकारियों पर भी कार्रवाई हुई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राष्ट्रपति शी जिनपिंग के करीबी सहयोगी और वरिष्ठ सैन्य अधिकारी झांग यूशिया को पिछले वर्ष अक्टूबर में सेना से बाहर कर दिया गया। इसके अलावा, हे वेइदोंग को भी पद से हटाकर गिरफ्तार किया गया है और उनके खिलाफ जांच जारी है।

इन कार्रवाइयों के बाद सात सदस्यों वाली सेंट्रल मिलिट्री कमीशन में अब केवल दो प्रमुख सदस्य ही सक्रिय बताए जा रहे हैं — राष्ट्रपति शी जिनपिंग, जो इसके चेयरमैन हैं, और नए नियुक्त वाइस चेयरमैन झांग शेंगमिन।

रिपोर्ट्स के अनुसार, सैन्य अधिकारियों पर रक्षा ठेकों में भ्रष्टाचार, निम्न गुणवत्ता वाले हथियारों की खरीद और अनुचित संबंधों के आरोप हैं। बताया गया है कि अब तक 100 से अधिक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी कार्रवाई की जद में आ चुके हैं या सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दे रहे हैं।

सेना की क्षमता और आधुनिकीकरण पर असर

विशेषज्ञों का मानना है कि इस अभियान का PLA की संचालन क्षमता पर असर पड़ सकता है। हालांकि, इसके बावजूद चीन अपनी सेना के आधुनिकीकरण कार्यक्रम को लगातार आगे बढ़ा रहा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ा रहा है, खासकर 2025 में ताइवान के आसपास सैन्य तैनाती में वृद्धि देखी गई है।

चीन का रक्षा खर्च लगातार बढ़ रहा

राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने हाल ही में सेना को संबोधित करते हुए भ्रष्टाचार विरोधी अभियान का उल्लेख किया और इसे महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि सेना ने चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना किया है और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण प्रगति की है।

IISS के अनुसार, वैश्विक रक्षा खर्च में वृद्धि के बीच चीन का सैन्य बजट एशिया में तेजी से बढ़ रहा है। 2025 में एशिया के कुल रक्षा खर्च में चीन की हिस्सेदारी लगभग 44 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जबकि 2010 से 2020 के बीच यह औसतन 37 प्रतिशत थी।


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