द देवरिया न्यूज़,लखनऊ : उत्तर प्रदेश में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी ने अभी से तैयारियां तेज कर दी हैं। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (PK) की कंपनी I-PAC को अपने चुनावी कैंपेन की जिम्मेदारी सौंपी है। बताया जा रहा है कि I-PAC की टीम जल्द ही लखनऊ में कामकाज संभालेगी और जमीनी स्तर पर रणनीति लागू करना शुरू करेगी।
स्टालिन और ममता की सलाह के बाद फैसला
सूत्रों के मुताबिक, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अखिलेश यादव को I-PAC की सेवाएं लेने की सलाह दी थी। अखिलेश और प्रशांत किशोर के बीच पहली मुलाकात दिसंबर 2025 में दिल्ली में हुई थी। इसके बाद जनवरी 2026 में पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान दोनों के बीच फिर बातचीत हुई। अब सपा ने औपचारिक रूप से I-PAC को हायर कर लिया है।
बताया जा रहा है कि 28 मार्च को अखिलेश यादव नोएडा से अपने चुनावी अभियान की शुरुआत करेंगे। यहां वे PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) भागीदारी रैली के जरिए चुनावी संदेश देंगे।
अलग-अलग कंपनियों को अलग जिम्मेदारी
समाजवादी पार्टी चुनावी तैयारियों के लिए कई एजेंसियों की सेवाएं ले रही है।
डेटा एनालिसिस और रणनीतिक योजना का काम मुंबई की ‘शो टाइम कंसल्टिंग’ को दिया गया है।
सर्वे का काम कर्नाटक की एक कंपनी ने पूर्वी उत्तर प्रदेश से शुरू कर दिया है।
I-PAC बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करने और ऐप आधारित टूल्स के जरिए वोटर टर्नआउट बढ़ाने की रणनीति पर काम करेगी।
अखिलेश के लिए ‘करो या मरो’ का चुनाव
2022 के विधानसभा चुनाव में सपा को 111 सीटें मिली थीं, जबकि भाजपा 255 सीटों के साथ सत्ता में लौटी थी। हालांकि 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा ने 37 सीटें जीतकर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। ऐसे में अखिलेश यादव 2027 को सत्ता वापसी का सुनहरा मौका मान रहे हैं और कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते। वे कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर लगातार योगी सरकार को घेर रहे हैं।
कौन हैं प्रशांत किशोर?
प्रशांत किशोर भारतीय राजनीति के चर्चित चुनावी रणनीतिकार हैं।
2014 में भाजपा के चुनाव अभियान से जुड़े।
2015 में बिहार में नीतीश कुमार की जीत में भूमिका निभाई।
पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह, पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी और तमिलनाडु में एमके स्टालिन के अभियानों में भी उनकी कंपनी की भूमिका अहम रही।
हाल के वर्षों में प्रशांत किशोर सक्रिय राजनीति में आ गए हैं और बिहार में ‘जन सुराज’ अभियान चला रहे हैं। हालांकि I-PAC अब भी विभिन्न दलों के लिए चुनावी रणनीति तैयार कर रही है और इसका संचालन पेशेवर टीम द्वारा किया जा रहा है।
यूपी में पहले भी कर चुके हैं काम
प्रशांत किशोर 2017 के यूपी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के लिए रणनीति बना चुके हैं। उस समय ‘27 साल यूपी बेहाल’ का नारा दिया गया था। बाद में कांग्रेस और सपा के गठबंधन के बावजूद दोनों दलों को अपेक्षित सफलता नहीं मिली थी।
अब देखना होगा कि 2027 में I-PAC की रणनीति और अखिलेश यादव की आक्रामक राजनीति योगी सरकार को कितनी चुनौती दे पाती है।
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