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पीएम मोदी का इजरायल दौरा: रक्षा सहयोग में ‘गेमचेंजर’ समझौतों की तैयारी, मेक इन इंडिया पर फोकस

Published on: February 25, 2026
PM Modi's visit to Israel
द  देवरिया न्यूज़,तेल अवीव/नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस सप्ताह आधिकारिक दौरे पर इजरायल जाने वाले हैं। इस दौरान वह इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और इजरायली संसद को भी संबोधित कर सकते हैं। माना जा रहा है कि इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच रणनीतिक और रक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण समझौते हो सकते हैं।

भारत बना इजरायल का बड़ा रक्षा साझेदार

स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की रिपोर्ट के अनुसार, 2020 से 2024 के बीच इजरायल के कुल रक्षा निर्यात का लगभग 34 प्रतिशत हिस्सा भारत को गया। इजरायली रक्षा मंत्रालय के इंटरनेशनल डिफेंस कोऑपरेशन डायरेक्टरेट (SIBAT) के आंकड़ों के मुताबिक, हाल के वर्षों में भारत को अरबों डॉलर के हथियारों की आपूर्ति की गई है।

जेरूसलम पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों देशों के रिश्ते अब केवल खरीद-बिक्री तक सीमित नहीं हैं, बल्कि संयुक्त उत्पादन और औद्योगिक साझेदारी तक विस्तार कर चुके हैं। इजरायल की प्रमुख रक्षा कंपनियों की भारतीय इकाइयां स्थापित हो चुकी हैं और वे भारतीय कंपनियों के साथ मिलकर उत्पादन कर रही हैं। इसका उद्देश्य ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को बढ़ावा देना है।

युद्धकालीन सहयोग का उल्लेख

SIBAT प्रमुख ब्रिगेडियर जनरल (सेवानिवृत्त) याइर कुलास ने मीडिया से बातचीत में कहा कि भारत और इजरायल के बीच रक्षा सहयोग गहरा और दीर्घकालिक है। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास के आधार पर रक्षा सहयोग आगे बढ़ रहा है। कारगिल युद्ध के दौरान भी इजरायल ने भारत को गोला-बारूद और अन्य रक्षा सामग्री उपलब्ध कराई थी।

संभावित बड़े समझौते

सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी के इस दौरे के दौरान एयर डिफेंस सिस्टम (संभावित रूप से बराक प्रणाली) पर बड़ी डील हो सकती है। इसके अलावा इजरायल की लेजर आधारित एयर डिफेंस प्रणाली ‘आयरन बीम’ के संयुक्त विकास को लेकर भी बातचीत की संभावना है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, अब रक्षा सौदों का बड़ा हिस्सा भारत में संयुक्त उत्पादन या तकनीक हस्तांतरण के आधार पर किया जा रहा है, जिसमें 50 से 60 प्रतिशत तक स्थानीय उत्पादन शामिल हो सकता है।

रक्षा व्यापार के आंकड़े

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्षों में भारत और इजरायल के बीच रक्षा व्यापार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है, लेकिन सहयोग लगातार बना हुआ है। 2024 और 2025 में रक्षा सौदों में फिर से वृद्धि दर्ज किए जाने की बात कही जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा भारत-इजरायल संबंधों को नई दिशा दे सकता है, जिसमें रक्षा तकनीक, संयुक्त उत्पादन और रणनीतिक सहयोग प्रमुख केंद्र में रहेंगे।


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