एयरफोर्स मजबूत करने की कोशिश
सोमालिया लंबे समय से आतंकी संगठन अल-शबाब के खिलाफ संघर्ष कर रहा है। ऐसे में वह अपनी वायुसेना को मजबूत करने के लिए आधुनिक लड़ाकू विमानों की तलाश में है। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, यह खरीद देश की सुरक्षा क्षमता बढ़ाने और अपने एयरस्पेस की रक्षा को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है।
फरवरी 2026 में सोमालिया एयरफोर्स प्रमुख मोहम्मद शेख अली ने इस्लामाबाद का दौरा किया, जहां उन्होंने पाकिस्तानी अधिकारियों से संभावित सौदे पर चर्चा की। सोमालिया के रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि देश अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए वायुसेना को मजबूत करना चाहता है।
क्षेत्रीय राजनीति का भी असर
यह संभावित सौदा ऐसे समय में सामने आया है जब हॉर्न ऑफ अफ्रीका क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ा हुआ है। दिसंबर 2025 में इजरायल ने सोमालिया से अलग हुए सोमालीलैंड को मान्यता दी थी, जिसका सोमालिया ने कड़ा विरोध किया। इस घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में नए रक्षा गठबंधन और सैन्य सहयोग की संभावनाएं बढ़ गई हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, सोमालिया इस समय सऊदी अरब के करीब जा रहा है, जिसके पाकिस्तान से मजबूत संबंध हैं। वहीं, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से उसके संबंधों में दूरी देखी जा रही है, जबकि UAE के भारत और इजरायल से अच्छे रिश्ते हैं।
JF-17: पाकिस्तान-चीन का संयुक्त प्रोजेक्ट
JF-17 थंडर फाइटर जेट पाकिस्तान और चीन द्वारा संयुक्त रूप से विकसित बहुउद्देश्यीय लड़ाकू विमान है। इसे अपेक्षाकृत कम लागत और आधुनिक क्षमताओं के कारण विकासशील देशों के लिए आकर्षक विकल्प माना जाता है। अगर यह सौदा अंतिम रूप लेता है, तो इससे पाकिस्तान को रक्षा निर्यात के क्षेत्र में बड़ी सफलता मिल सकती है और सोमालिया की सैन्य क्षमता में भी महत्वपूर्ण वृद्धि होगी।