अभियान की शुरुआत कान्हा पब्लिक स्कूल, रघवापुर से की गई, जहां सबसे चौंकाने वाला मामला सामने आया। यह विद्यालय कक्षा 1 से 5 तक बिना किसी मान्यता के संचालित हो रहा था। इसे नियमों का खुला उल्लंघन मानते हुए बीईओ ने तत्काल प्रभाव से स्कूल बंद करने का आदेश दिया। साथ ही वहां पढ़ रहे सभी बच्चों का नामांकन नजदीकी परिषदीय विद्यालयों में कराने के निर्देश भी दिए गए, ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो।
इसके बाद टीम ने रेनबो पब्लिक स्कूल, कसया रघवापुर का निरीक्षण किया। यह विद्यालय कक्षा 1 से 8 तक मान्यता प्राप्त है, लेकिन यहां बुनियादी सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाई गई। स्कूल में अग्निशमन यंत्र उपलब्ध नहीं थे और राष्ट्रीय भवन संहिता (NBC) का प्रमाण पत्र भी नहीं मिला। इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए विद्यालय प्रबंधन को तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण देने के लिए नोटिस जारी किया गया है।
सनबीम स्कूल, सोन्दा में निरीक्षण के दौरान स्कूल वाहनों की स्थिति पर सवाल खड़े हुए। यहां 10 मिनी बस, 3 वैन, 7 मैजिक और 7 बसें संचालित पाई गईं, लेकिन अधिकांश वाहनों में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे थे। इसके अलावा बसों पर चालक का नाम और मोबाइल नंबर भी अंकित नहीं था, जो सुरक्षा नियमों का उल्लंघन है। इसी तरह एडीएस पब्लिक स्कूल, सोन्दा में भी कई खामियां उजागर हुईं। स्कूल को अस्थायी मान्यता तो मिली हुई है, लेकिन उसे अभी तक यू-डायस कोड आवंटित नहीं किया गया है। साथ ही, यहां के वाहनों में भी सीसीटीवी कैमरे नहीं पाए गए।
रेडिएंट रेज स्कूल, सोनूघाट में भी स्कूल वाहनों में सीसीटीवी और जीपीएस जैसी जरूरी सुविधाओं का अभाव मिला, जो बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से चिंताजनक है। हालांकि, सेंट्रल एकेडमी, सोनूघाट का निरीक्षण संतोषजनक रहा। यहां सभी स्कूल वाहन निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए गए, जिसकी अधिकारियों ने सराहना की।
खंड शिक्षा अधिकारी देवमुनि वर्मा ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार जिलेभर में यह अभियान लगातार चलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जहां भी नियमों का उल्लंघन मिलेगा, वहां कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि छात्रों की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद जिले के अन्य स्कूलों में भी हड़कंप मच गया है और कई स्कूल प्रबंधन अब अपनी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में जुट गए हैं।