वैष्णव ने कहा कि पिछले साल पेरिस एक्शन समिट के आउटकम डॉक्यूमेंट पर 60 देशों ने हस्ताक्षर किए थे, जबकि इस बार दिल्ली डिक्लेरेशन को और व्यापक समर्थन मिल रहा है। उन्होंने बताया कि कई देशों के मंत्री अभी भी चर्चा में शामिल हैं और दस्तावेज जारी करने की औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
AI समिट में 5 लाख से अधिक लोगों की भागीदारी
आईटी मंत्री के अनुसार, AI इम्पैक्ट समिट में पांच लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया, जिससे भारत की वैश्विक AI क्षेत्र में मजबूत उपस्थिति का प्रदर्शन हुआ। उन्होंने कहा कि भारत अब AI के क्षेत्र में एक प्रमुख वैश्विक खिलाड़ी बनकर उभर रहा है।
वैष्णव ने यह भी घोषणा की कि भारत 20 लाख लोगों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ा प्रशिक्षण देने की योजना बना रहा है। इसके लिए उद्योग जगत के साथ मिलकर प्रशिक्षण का प्रारूप तैयार किया जा रहा है।
पैक्स सिलिका गठबंधन से मजबूत होगी सप्लाई चेन
मंत्री ने पैक्स सिलिका गठबंधन का जिक्र करते हुए कहा कि यह वैश्विक सप्लाई चेन को मजबूत और सुरक्षित बनाने के लिए जरूरी पहल है। उन्होंने कहा कि दुनिया भारत को एक विश्वसनीय साझेदार के रूप में देख रही है और यह भारत के लिए बड़ी उपलब्धि है।
डेटा प्रोटेक्शन मॉडल को मिला वैश्विक समर्थन
वैष्णव ने कहा कि भारत का डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) फ्रेमवर्क अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा जा रहा है। कई देशों ने भारत के डेटा सुरक्षा कानून को एक प्रभावी मॉडल बताया है और तीन देशों ने इसी तर्ज पर अपने कानून बनाने की इच्छा जताई है।
विवादों पर सरकार का सख्त रुख
आईटी मंत्री ने बिना नाम लिए गलगोटिया यूनिवर्सिटी से जुड़े विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ गलत फैसले हुए थे, लेकिन सरकार ने तुरंत कार्रवाई की। हाल ही में एक्सपो में एक चीनी रोबोटिक डॉग को स्वदेशी आविष्कार बताने के मामले में यूनिवर्सिटी को एक्सपो से बाहर कर दिया गया था।
युवाओं में AI को लेकर उत्साह
वैष्णव ने कहा कि समिट के दौरान कुछ विरोध प्रदर्शन हुए, लेकिन युवाओं ने सकारात्मक रुख दिखाया और AI के भविष्य को लेकर उत्साह व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य AI को हर वर्ग तक पहुंचाना है और इसके लिए राज्यों और उद्योग जगत के साथ मिलकर काम किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि समिट में दुनिया भर के नीति निर्माता और तकनीकी विशेषज्ञ भारत की AI क्षमताओं और कम संसाधनों में विकसित किए गए मॉडलों से प्रभावित हुए हैं। यह समिट भारत को वैश्विक AI नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।