मृतका की पहचान सायरा खातून के रूप में हुई है, जो गांव पकड़ी उर्फ पकड़ियार निवासी मुनीब अंसारी की पुत्री थी। बताया जा रहा है कि शुक्रवार को परिवार में शादी समारोह था। मुनीब अंसारी के भाई के घर विवाह संपन्न हुआ था, जिसके चलते घर में उत्सव का माहौल था। शनिवार सुबह दुल्हन की विदाई के बाद घर में मौजूद रिश्तेदार और अन्य लड़कियां पास बह रही घाघी नदी में नहाने के लिए चली गईं, जिनमें सायरा भी शामिल थी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नहाने के दौरान अचानक सायरा का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चली गई। साथ में मौजूद अन्य लड़कियों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन पानी की गहराई अधिक होने के कारण वे सफल नहीं हो सकीं। कुछ ही पलों में सायरा नदी में डूब गई। घबराई हुई लड़कियां तुरंत गांव की ओर भागीं और परिजनों को घटना की जानकारी दी।
सूचना मिलते ही परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और स्थानीय लोगों की मदद से सायरा को नदी से बाहर निकाला गया। आनन-फानन में उसे इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फाजिलनगर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। यह खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और गांव में शोक का माहौल छा गया।
परिजनों के अनुसार, सायरा की शादी अगले साल मई महीने में तय थी। ऐसे में परिवार पहले से ही उसकी शादी की तैयारियों में जुटा हुआ था, लेकिन इस दर्दनाक हादसे ने सभी सपनों को एक झटके में तोड़ दिया।
घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। धीरेंद्र राय ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
यह हादसा एक बार फिर जल स्रोतों के आसपास सतर्कता बरतने की आवश्यकता को उजागर करता है, खासकर तब जब तैराकी का पर्याप्त ज्ञान न हो। स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों ने भी लोगों से अपील की है कि नदी या गहरे पानी में नहाते समय विशेष सावधानी बरतें, ताकि इस तरह की दुखद घटनाओं से बचा जा सके।