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भारत-बांग्लादेश संबंधों में नई शुरुआत? जयशंकर और खलीलुर रहमान की मुलाकात से कूटनीतिक रिश्तों को गति

Published on: April 9, 2026
New beginning in India-Bangladesh relations
द  देवरिया न्यूज़,नई दिल्ली : भारत और बांग्लादेश के बीच पिछले डेढ़ साल से अधिक समय से चले आ रहे कूटनीतिक तनाव को कम करने की दिशा में अहम कदम उठाया गया है। बुधवार को नई दिल्ली में भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर और बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस मुलाकात को दोनों देशों के रिश्तों में नई शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है।
खलीलुर रहमान तीन दिवसीय भारत यात्रा पर मंगलवार को नई दिल्ली पहुंचे। यह दौरा इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि फरवरी में बांग्लादेश में प्रधानमंत्री तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) सरकार के सत्ता संभालने के बाद भारत आने वाले वह पहले वरिष्ठ मंत्री हैं।

बैठक के बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि बांग्लादेश के विदेश मंत्री और उनके प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी कर खुशी हुई। उन्होंने बताया कि बातचीत के दौरान दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की, साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया। दोनों पक्षों ने आपसी संपर्क बनाए रखने और सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।
इससे पहले मंगलवार शाम राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने भी खलीलुर रहमान की मेजबानी की। डोभाल और रहमान के बीच रात्रिभोज के दौरान भारत-बांग्लादेश संबंधों के कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार, बातचीत का मुख्य फोकस द्विपक्षीय संबंधों को नई गति देना और रणनीतिक सहयोग को मजबूत करना रहा।
बांग्लादेश की ओर से भी इस दौरे को लेकर सकारात्मक संकेत दिए गए हैं। ढाका ने उम्मीद जताई है कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच सहयोग को अधिक स्थायी और व्यापक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी। बांग्लादेश विदेश मंत्रालय ने कहा कि रहमान 10 से 12 अप्रैल तक मॉरीशस में होने वाले इंडियन ओशन कॉन्फ्रेंस में भाग लेने से पहले नई दिल्ली में महत्वपूर्ण वार्ताएं कर रहे हैं।
गौरतलब है कि अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के सत्ता से हटने और मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के गठन के बाद भारत-बांग्लादेश संबंधों में तनाव बढ़ गया था। बाद में बांग्लादेश में हुए संसदीय चुनावों में BNP की जीत के बाद तारिक रहमान प्रधानमंत्री बने, जिसके बाद दोनों देशों ने रिश्तों को सामान्य करने की दिशा में प्रयास तेज किए।
17 फरवरी को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और विदेश सचिव विक्रम मिसरी द्वारा ढाका में तारिक रहमान के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने के बाद से संबंधों में सुधार की प्रक्रिया शुरू हुई थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस उच्चस्तरीय बैठक का उद्देश्य न केवल पुराने तनाव को कम करना है, बल्कि व्यापार, सुरक्षा, सीमा प्रबंधन, कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय सहयोग जैसे नए क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाना भी है। यह दौरा आने वाले समय में भारत-बांग्लादेश संबंधों को नई दिशा दे सकता है।

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