द देवरिया न्यूज़,इस्लामाबाद : पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। संसद के भीतर विपक्ष ने शहबाज शरीफ सरकार पर जमकर हमला बोला और इसे “जनता पर पेट्रोल बम” करार दिया। विपक्ष ने भारत का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां ईंधन की कीमतें अपेक्षाकृत स्थिर हैं, जबकि पाकिस्तान में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।
मौजूदा समय में पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत 458.41 रुपये प्रति लीटर और डीजल 520.35 रुपये प्रति लीटर (पाकिस्तानी रुपया) तक पहुंच गई है, जिससे आम जनता और किसानों पर भारी असर पड़ रहा है।
संसद सत्र शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी की और सदन के वेल में पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कुछ सांसदों ने कार्यवाही की कॉपियां तक फाड़ दीं और सरकार से तुरंत कीमतें वापस लेने की मांग की।
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के अध्यक्ष बैरिस्टर गोहर अली खान ने सरकार पर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के दबाव में फैसले लेने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में इतनी भारी बढ़ोतरी का कोई ठोस आधार नहीं है।
गोहर अली खान ने सवाल उठाया कि जब वैश्विक स्तर पर कीमतों में मामूली बढ़ोतरी हुई, तो पाकिस्तान में इतनी बड़ी छलांग क्यों लगाई गई। उन्होंने दावा किया कि 96 देशों में कीमतें बढ़ीं, लेकिन वियतनाम के बाद सबसे ज्यादा बढ़ोतरी पाकिस्तान में हुई है।
उन्होंने सरकार की आर्थिक नीतियों और प्रबंधन पर भी सवाल खड़े करते हुए कहा कि यदि देश में 20 दिन का ईंधन स्टॉक होना चाहिए था, तो उसकी कमी क्यों हुई और अगर स्टॉक मौजूद था, तो कीमतें बढ़ाने की जरूरत क्यों पड़ी।
विपक्षी नेता ने मंत्रियों के काफिलों पर भी तंज कसते हुए कहा कि जब आम जनता महंगाई से जूझ रही है, तब मंत्री शानो-शौकत के साथ बड़े काफिलों में घूम रहे हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
वहीं, सरकार ने सफाई देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में उछाल और पिछली सरकार की नीतियों के कारण यह स्थिति पैदा हुई है। हालांकि, विपक्ष इस जवाब से संतुष्ट नहीं है और सरकार पर लगातार दबाव बना रहा है।
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