जानकारी के अनुसार, नगर पंचायत क्षेत्र के बालपुर श्रीनगर चौराहे स्थित देवरिया-कसया मार्ग के पश्चिम अराजी संख्या 137/1, लगभग 61 डिसमिल भूमि को लेकर विवाद चल रहा है। एक पक्ष ने राजस्व विभाग और स्थानीय पुलिस पर भूमाफियाओं से मिलीभगत का आरोप लगाते हुए पूर्व मंत्री ब्रह्माशंकर त्रिपाठी से हस्तक्षेप की मांग की थी।
इसी के तहत मंगलवार सुबह करीब 11 बजे पूर्व मंत्री अपने समर्थकों और ग्रामीणों के साथ विवादित भूमि के सामने सड़क किनारे धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि जिला प्रशासन मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करे।
करीब एक घंटे बाद प्रभारी एसओ संजय चंदेल, एसआई अंकित सिंह और अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे तथा पूर्व मंत्री से प्रदर्शन समाप्त करने की अपील की। इसी दौरान जब पूर्व मंत्री कार्यक्रम समाप्त कर पथरदेवा के लिए रवाना होने लगे, तब कथित तौर पर एक कांस्टेबल द्वारा एफआईआर दर्ज करने की चेतावनी दिए जाने पर माहौल तनावपूर्ण हो गया।
सपा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि कांस्टेबल ने बार-बार यह बात दोहराई, जिससे समर्थक आक्रोशित हो गए। इसके बाद लौट रही भीड़ फिर से एकत्र हो गई और पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच बहस के बाद धक्का-मुक्की शुरू हो गई।
हंगामे के दौरान कुछ महिलाएं सड़क पर बैठ गईं, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मामला बढ़ता देख पूर्व मंत्री ब्रह्माशंकर त्रिपाठी ने हस्तक्षेप कर समर्थकों और ग्रामीणों को शांत कराया और उन्हें वापस भेजा, जिसके बाद स्थिति सामान्य हो सकी।
फिलहाल सपा कार्यकर्ताओं ने संबंधित कांस्टेबल की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है।