यह नया भंडार बरागजगई X-01 कुएं के लुमशिवाल फॉर्मेशन में मिला है। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, इस कुएं से प्रतिदिन लगभग 225 बैरल कच्चा तेल और 10.1 लाख स्टैंडर्ड क्यूबिक फीट गैस का उत्पादन संभव है। हालांकि यह खोज बहुत बड़ी नहीं मानी जा रही, लेकिन ऊर्जा संकट से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है।
5170 मीटर गहराई तक की गई ड्रिलिंग
सरकारी समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस ऑफ पाकिस्तान (APP) के अनुसार, बरागजगई X-01 कुएं की ड्रिलिंग 30 दिसंबर 2024 को शुरू की गई थी। इस कुएं को 5170 मीटर की गहराई तक सफलतापूर्वक ड्रिल किया गया। इसका उद्देश्य लॉकहार्ट, हांगू, शिनावारी, दत्ता और किंगरियाली जैसे भू-स्तरों में हाइड्रोकार्बन की संभावनाओं का पता लगाना था।
यह खोज पाकिस्तान की सरकारी कंपनी ऑयल एंड गैस डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड (OGDC) द्वारा नेश्पा एक्सप्लोरेशन लाइसेंस के तहत की गई। OGDC ने कहा कि इस खोज से देश के घरेलू ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी।
हाल के वर्षों में कई नई खोजें
पाकिस्तान ने हाल के समय में कई नए तेल और गैस भंडार खोजे हैं। जनवरी 2026 में कोहाट क्षेत्र में एक कुएं से प्रतिदिन करीब 4100 बैरल तेल और 1.5 करोड़ स्टैंडर्ड क्यूबिक फीट गैस मिलने की जानकारी सामने आई थी। इसके अलावा सितंबर 2025 में अटक क्षेत्र में भी एक नया भंडार मिला था, जबकि उत्तरी वजीरिस्तान में मारी एनर्जी ने गैस की नई खोज की थी।
सिंध और खैबर पख्तूनख्वा ऊर्जा उत्पादन में आगे
पाकिस्तान में गैस उत्पादन के मामले में सिंध प्रांत सबसे आगे है, जो देश की कुल गैस का लगभग 62 प्रतिशत उत्पादन करता है। वहीं, कच्चे तेल के उत्पादन में खैबर पख्तूनख्वा 41 प्रतिशत के साथ शीर्ष पर है, जबकि सिंध 40 प्रतिशत और पंजाब लगभग 18 प्रतिशत योगदान देता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि नई खोजें पाकिस्तान को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में मदद कर सकती हैं और विदेशी ऊर्जा आयात पर होने वाले खर्च को कम कर सकती हैं। हालांकि, देश की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए अभी और बड़े भंडारों की खोज जरूरी होगी।