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पाकिस्तान में गहराया आर्थिक संकट, पीएम शहबाज शरीफ पर कर्ज नीति को लेकर तीखे सवाल

Published on: April 8, 2026
Economic crisis deepens in Pakistan
द  देवरिया न्यूज़,इस्लामाबाद : पाकिस्तान की बिगड़ती अर्थव्यवस्था को लेकर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ एक बार फिर आलोचनाओं के घेरे में हैं। देश के वरिष्ठ पत्रकार और विश्लेषक इरशाद भट्टी ने एक टीवी शो में शहबाज सरकार पर तीखा हमला बोला और कहा कि सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि सिर्फ विदेशों से कर्ज लेना रह गई है।
भट्टी ने तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री हर मंच पर यही बताते नजर आते हैं—“अलहमदुलिल्लाह, हमें फलां देश से कर्ज मिल गया, IMF से राहत मिल गई।” उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान शायद दुनिया के लगभग हर देश से कर्ज ले चुका है, केवल भारत और इजरायल ही बचे हैं, जिनसे रिश्ते अच्छे न होने के कारण कर्ज नहीं लिया गया।
उन्होंने विदेशी निवेश के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। भट्टी के मुताबिक, शहबाज शरीफ ने जितना समय संसद में नहीं बिताया, उससे ज्यादा विदेश दौरों पर रहे हैं। इसके बावजूद देश में विदेशी निवेश में करीब 41% की गिरावट आई है, जो पिछले 47 सालों में सबसे निचले स्तर पर है।
इस बीच पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति और गंभीर होती नजर आ रही है। हालात ऐसे हैं कि देश को पुराने कर्ज चुकाने के लिए भी नया कर्ज लेना पड़ रहा है। ताजा झटका तब लगा जब पाकिस्तान, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के 3.5 अरब डॉलर के कर्ज को आगे बढ़ाने के लिए कोई समझौता नहीं कर पाया।
UAE के दबाव के बाद पाकिस्तान को अब यह कर्ज चुकाने का फैसला करना पड़ा है। यह रकम देश के कुल विदेशी मुद्रा भंडार का लगभग 18% है, जो इस समय करीब 16.4 अरब डॉलर है। ऐसे में इस भुगतान से पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति पर और दबाव बढ़ने की आशंका है, खासकर तब जब तेल की कीमतें पहले से ही ऊंचे स्तर पर हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जल्द ही ठोस आर्थिक सुधार नहीं किए गए, तो पाकिस्तान को आने वाले समय में और गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है।

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