कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय राज्यमंत्री श्री बी. एल. वर्मा उपस्थित रहे। उनके साथ उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री एवं देवरिया के प्रभारी मंत्री श्री दयाशंकर सिंह तथा देवरिया के सांसद श्री शशांक मणि की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की महत्ता को और बढ़ाया। सभी अतिथियों ने मंच से सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर समाज के हर वर्ग तक सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
इस अवसर पर दिव्यांगजनों और बुजुर्गों को ट्राईसाइकिल, मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल, व्हीलचेयर सहित कई प्रकार के सहायक उपकरण वितरित किए गए। इन उपकरणों के माध्यम से लाभार्थियों को दैनिक जीवन में आने वाली कठिनाइयों को कम करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया गया है। लाभार्थियों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी और उन्होंने इस पहल के लिए सरकार का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में जिले के कई प्रमुख जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी मौजूद रहे। जिला पंचायत अध्यक्ष गिरीश चंद्र तिवारी, सलेमपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद रमाशंकर राजभर तथा जिलाधिकारी श्रीमती दिव्या मित्तल ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की। इनके अलावा भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता, पदाधिकारी और अन्य गणमान्य लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें जमीनी स्तर पर प्रभावी तरीके से लागू करना है, ताकि हर जरूरतमंद व्यक्ति तक उसका लाभ पहुंच सके। उन्होंने यह भी बताया कि तकनीक और प्रशासनिक समन्वय के माध्यम से योजनाओं को और अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान यह संदेश भी दिया गया कि समाज के दिव्यांगजन और वरिष्ठ नागरिक किसी भी तरह से कमजोर नहीं हैं, बल्कि उन्हें सही संसाधन और अवसर मिलने पर वे भी समाज की मुख्यधारा में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं। ऐसे शिविर उनके जीवन को आसान बनाने के साथ-साथ उन्हें सम्मान और आत्मविश्वास भी प्रदान करते हैं।
अंत में आयोजकों ने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के शिविरों का आयोजन जारी रहेगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके। देवरिया में आयोजित यह सामाजिक अधिकारिता शिविर न केवल सहायता वितरण का कार्यक्रम रहा, बल्कि यह सामाजिक समावेशन और मानवता की भावना को मजबूत करने का एक सशक्त प्रयास भी साबित हुआ।