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असम में सड़क हादसे में देवरिया के युवक की मौत, घर लौटने से पहले ही टूटा परिवार पर दुखों का पहाड़

Published on: April 2, 2026
Deoria road accident in Assam
द  देवरिया न्यूज़,देवरिया : जनपद के बघौचघाट थाना क्षेत्र के मेंदीपट्टी गांव के निवासी 46 वर्षीय ऋषिकेश दत्त राय की असम में एक दर्दनाक सड़क हादसे में मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है, वहीं परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। ऋषिकेश दत्त राय असम की एक निजी कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत थे और अपने व्यवहार व मेहनत के कारण वहां भी अच्छी पहचान बना चुके थे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना उस समय हुई जब ऋषिकेश दत्त राय अपने कार्यालय से काम समाप्त कर बाइक से अपने किराए के कमरे की ओर लौट रहे थे। इसी दौरान मुख्य मार्ग पर तेज रफ्तार से आ रहे एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वह सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश में जुट गई है और मामले की जांच की जा रही है।
जैसे ही इस हादसे की खबर उनके पैतृक गांव मेंदीपट्टी पहुंची, परिवार में कोहराम मच गया। मृतक ऋषिकेश दत्त राय तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके छोटे भाई राकेश राय समाजवादी पार्टी में विधानसभा उपाध्यक्ष के पद पर हैं, जबकि सबसे छोटे भाई शोभाकांत राय विदेश में कार्यरत हैं। परिवार में उनकी एक महत्वपूर्ण भूमिका थी और उनकी असमय मृत्यु ने सभी को गहरे सदमे में डाल दिया है।
मृतक की पत्नी निधू देवी और मां बबुना देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। उनके दो बच्चे—बड़ा बेटा युवराज और बेटी इच्छा राय—अब अपने पिता के साए से हमेशा के लिए वंचित हो गए हैं। परिवार के लोगों का कहना है कि ऋषिकेश बहुत ही जिम्मेदार और परिवार के प्रति समर्पित व्यक्ति थे, जो हमेशा अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए मेहनत करते थे।
सबसे मार्मिक बात यह है कि ऋषिकेश इसी सप्ताह अपने घर आने वाले थे। उन्होंने घर लौटने के लिए पहले ही टिकट बुक करा लिया था और परिवार के लोग उनके आने का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था, और घर पहुंचने से पहले ही एक सड़क हादसे ने उनकी जिंदगी छीन ली।
घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। जैसे ही लोगों को इसकी जानकारी हुई, उनके घर पर ग्रामीणों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और राजनीतिक लोगों की भीड़ जुट गई। सभी ने परिजनों को सांत्वना दी और इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़े रहने का भरोसा जताया।
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। साथ ही, अज्ञात वाहन चालकों की लापरवाही और तेज रफ्तार के कारण हो रहे हादसों पर नियंत्रण की आवश्यकता को भी उजागर करता है। फिलहाल परिवार अपने प्रिय सदस्य को खोने के गहरे दुख से जूझ रहा है।

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