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नेपाल में बालेन शाह की नई सरकार चर्चा में, कैबिनेट के कई मंत्री भारत में शिक्षित

Published on: April 2, 2026
Balen Shah's new government in Nepal
द  देवरिया न्यूज़,काठमांडू : नेपाल में इस महीने बालेंद्र (बालेन) शाह के नेतृत्व में नई सरकार के गठन के बाद राजनीतिक हलकों में इसकी खूब चर्चा हो रही है। 35 वर्षीय बालेन शाह देश के सबसे युवा प्रधानमंत्रियों में शामिल हैं और उन्हें नेपाल की नई पीढ़ी के नेतृत्व का प्रतीक माना जा रहा है। उनकी सरकार न सिर्फ नेतृत्व बल्कि मंत्रिमंडल की शैक्षणिक पृष्ठभूमि को लेकर भी सुर्खियों में है।
बालेन शाह की अगुवाई वाली 15 सदस्यीय कैबिनेट में कई मंत्री ऐसे हैं, जिन्होंने भारत में शिक्षा प्राप्त की है। आंकड़ों के अनुसार, करीब एक-तिहाई मंत्रियों ने भारत के प्रतिष्ठित संस्थानों से पढ़ाई की है। खुद प्रधानमंत्री बालेन शाह ने भी बेंगलुरु स्थित निट्टे मीनाक्षी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में मास्टर ऑफ टेक्नोलॉजी (M.Tech) की डिग्री हासिल की है। उन्होंने वर्ष 2016 से 2018 के बीच यहां अध्ययन किया।
मंत्रिमंडल में शामिल अन्य प्रमुख नामों में परिवहन एवं शहरी विकास मंत्री सुनील लमसाल, स्वास्थ्य मंत्री निशा मेहता और सामान्य प्रशासन मंत्री प्रतिभा रावल शामिल हैं, जिनका शैक्षणिक संबंध भारत से रहा है। सुनील लमसाल, जो इंफ्रास्ट्रक्चर विशेषज्ञ माने जाते हैं, ने भी बेंगलुरु के इसी संस्थान से इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री प्राप्त की है।
स्वास्थ्य मंत्री निशा मेहता ने नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के कॉलेज ऑफ नर्सिंग से वर्ष 2006 से 2010 के बीच पढ़ाई की। इसके अलावा उन्होंने ग्वालियर विश्वविद्यालय से भी शिक्षा हासिल की है और बिराट टीचिंग हॉस्पिटल में सेवाएं देने के बाद अब देश की स्वास्थ्य व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रही हैं।
वहीं, प्रतिभा रावल को संघीय मामले, सामान्य प्रशासन, सहकारिता और गरीबी उन्मूलन मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है। वह चेन्नई के एशियन कॉलेज ऑफ जर्नलिज्म की पूर्व छात्रा हैं। निशा मेहता और प्रतिभा रावल उन पांच महिला मंत्रियों में शामिल हैं, जिन्हें बालेन शाह की कैबिनेट में स्थान मिला है।
नेपाल और भारत के बीच शिक्षा के क्षेत्र में लंबे समय से मजबूत संबंध रहे हैं। नेपाली छात्रों का भारत आकर उच्च शिक्षा प्राप्त करना एक पुरानी परंपरा रही है। इससे पहले भी नेपाल के कई बड़े नेता भारत में शिक्षित रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री बाबूराम भट्टराई ने चंडीगढ़ कॉलेज ऑफ आर्किटेक्चर और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से पढ़ाई की थी। वहीं, नेपाल की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश और पूर्व अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से राजनीति विज्ञान में डिग्री प्राप्त की थी।
बालेन शाह की यह नई कैबिनेट न केवल युवा नेतृत्व का प्रतिनिधित्व करती है, बल्कि भारत-नेपाल के शैक्षणिक और सांस्कृतिक संबंधों को भी दर्शाती है।

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