कृषि मंत्री ने बताया कि इस वर्ष MSP दरों में बढ़ोतरी कर किसानों को अतिरिक्त लाभ देने का प्रयास किया गया है। चने का MSP 5875 रुपये प्रति क्विंटल, मसूर का 7000 रुपये, सरसों का 6200 रुपये और अरहर का 8000 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। पिछले वर्ष की तुलना में चने पर 225 रुपये, मसूर पर 300 रुपये और सरसों पर 250 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है, जिससे किसानों की आय में सीधा इजाफा होगा।
सरकार ने इस वर्ष फसलों की खरीद के लिए स्पष्ट लक्ष्य भी तय किए हैं। चने के लिए 2.24 लाख मीट्रिक टन, मसूर के लिए 6.77 लाख मीट्रिक टन और सरसों के लिए 5.30 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य रखा गया है। इस प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए केंद्र की एजेंसियां नैफेड और एनसीसीएफ के साथ राज्य की यूपीपीसीयू, यूपीपीसीएफ, जैफेड और यूपीएसएस जैसी संस्थाएं मिलकर काम करेंगी।
खरीद प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए सभी क्रय केंद्रों पर आधार-सक्षम पीओएस मशीनें लगाई गई हैं, जिससे केवल वास्तविक किसानों से ही उपज खरीदी जा सकेगी। भुगतान सीधे किसानों के आधार-लिंक्ड बैंक खातों में DBT के जरिए किया जाएगा, जिससे किसी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना खत्म होगी।
कृषि मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रदेश में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। वर्तमान में राज्य में 25.41 लाख मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है, जिसे सभी 75 जिलों में संतुलित रूप से वितरित किया गया है। उर्वरक वितरण भी डिजिटल माध्यम से किया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता बनी हुई है।
इसके अलावा, सरकार द्वारा किसानों को बीज उपलब्ध कराने के लिए भी विशेष प्रयास किए गए हैं। 11.25 लाख किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर बीज दिए गए, जबकि 12.73 लाख किसानों को मुफ्त बीज वितरित किए गए हैं।
अंत में कृषि मंत्री ने किसानों से अपील की कि वे 15 मई तक अपनी फॉर्मर रजिस्ट्री अवश्य करा लें, ताकि उन्हें सरकार की सभी लाभकारी योजनाओं का फायदा मिल सके।